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सीएमओ कार्यालय के लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप, होगी जांच

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फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक का पटल देख रहे सहायक शोध अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की गई है। इस मामले में शासन ने सीएमओ से 16 दिसंबर तक जांच आख्या तलब की है।
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फतेहगढ़ स्थित सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक शोध अधिकारी वसीम खां अपने पटल से विभाग के टेंडर, नेत्र शिविर, चश्मा वितरण आदि कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाले हैं।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव खुड़िना धमगवां निवासी राजेश गंगवार ने अपर आयुक्त आयकर विभाग से शिकायत की। इसमें कहा कि वर्ष 1996 से एक ही पटल पर जमे सहायक शोध अधिकारी ने कन्नौज स्थित अपने पैतृक गांव में 10 एकड़ कृषि भूमि, छिबरामऊ में दो कामर्शियल भूखंड, लखनऊ में आवासीय भवन व भूखंड सहित करीब पांच करोड़ की संपत्ति अर्जित की है।
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जबकि पत्नी के नाम से 50 लाख रुपये विभिन्न बैंकों में जमा होने के साथ ही 25 लाख रुपये के आभूषण बनवाए है। कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत इस संपत्ति की सूचना नियंत्रण अधिकारी को नहीं दी गई है।
इस शिकायत के आधार पर भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री को 23 अक्तूबर को शिकायत भेजी थी। इस पर 6 नवंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय ने यूपी शासन को जांच के लिए पत्र भेजा था।
इस पत्र पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश ने सीएमओ से 16 दिसंबर तक जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए है।
सीएमओ डॉ.वंदना सिंह ने बताया कि शासन से चार-पांच दिन पहले जांच के आदेश मिले हैं। शीघ्र ही अधिकारी नामित कर जांच कराने के साथ आख्या शासन को भेजी जाएगी। दूसरी ओर सहायक शोध अधिकारी वसीम खां ने बताया कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत की गई है। लगाए गए आरोप निराधार है।
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