आलू की गुणवत्ता में आए सुधार के चलते 18 हजार क्विंटल आलू की पहली रैक असम
रवाना हो गई है। व्यापारियों का मानना है कि सीजन की पहली रैक जाने से आलू
के भाव में सुधार आएगा। शनिवार को आलू में 60 रुपये प्रति क्विंटल का
इजाफा भी हुआ है।
अगैती फसल करने वाले किसानों का आलू पहली बार इस सीजन
में असम भेजा गया है। इसके लिए व्यापारियों ने रेलवे विभाग से रैक लगाने की
मांग की थी। शनिवार को 40 डिब्बों की पहली रैक आसाम भेजी गई। इसमे 36 हजार
पैकेट आलू लोड किया गया है। व्यापारियों का मानना है कि गुणवत्ता के चलते
ही असम से आलू की मांग आई थी। अभी तक मार्च के अंतिम सप्ताह में ही रैक
रवाना की जाती थी।
यह पहला मौका है, जब दिसंबर में आलू के कच्चे सीजन में
रैक भेजी गई है। आलू आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश वर्मा ने बताया कि अगैती
फसल से अगर तीन-चार रैक आलू अन्य प्रदेशों में रवाना किया गया तो किसानों
को उनकी उपज का वाजिब दाम मिलेगा और आलू के भाव में उछाल आएगा। पहली रैक
जाने से जहां आलू 520 से 550 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था।
शनिवार को
आलू का भाव 60 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ गया है। उन्होंने बताया कि मौसम आलू
के अनुकूल है। इससे पैदावार में और अधिक बढ़ोत्तरी होगी। केवल बरसात ही
आलू की पैदावार को प्रभावित कर सकती है।