जाट रेजीमेंट में भर्ती होने के लिए दौड़ लगाते युवक।
- फोटो : अमर उजाला
सेना में भर्ती के लिए युवाओं ने जमकर जोर-आजमाइश की। ट्रैक पर पांच हजार युवाओं ने दौड़ लगाई लेकिन इनमें से 175 ही पास हो सके। दौड़ में पास हुए युवाओं को शारीरिक परीक्षण के लिए आगे भेज दिया गया।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 33 जिलों के साथ ही उड़ीसा और बिहार के युवाओं ने जाट रेजीमेंट की हो रही भर्ती में भाग लिया। तड़के से ही बरगदियाघाट पर टोकन लेने के लिए युवाओं की भीड़ एकत्र हो गई।
सूर्योदय तक हजारों की संख्या में युवा लाइन में लगकर टोकन लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार करने लगे। सैन्य अधिकारियों ने भर्ती देखने आए युवकों को टोकन बांटना शुरू किया। शैक्षिक प्रमाण पत्रों के निरीक्षण के बाद युवाओं को टोकन का वितरण हुआ। युवा टोकन लेने के बाद सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के बैरियर को पार कर करियप्पा मैदान के गेट पर पहुंचे।
यहां पर युवकों की लंबाई नापी गई। लंबाई में फेल होने वाले युवाओं को यही से मायूस होकर वापस जाना पड़ा। लंबाई में पास होने वाले युवकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर मोहर लगाकर अंदर जाने के लिए की इजाजत दी गई। अलग-अलग जिलों से आए युवकों की टोलियों को बांट दिया गया। करियप्पा मैदान के ट्रैक पर 200 के ग्रुप में युवकों को दौड़ाया गया।
दौड़ प्रतियोगिता में सफल होने के लिए युवकों ने जोर-आजमाइश की। युवक सरपट दौड़ने के चक्कर में ट्रैक पर गिरकर चुटहिल भी हो गए। सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के एडज्यूटेंट अनिल सरोत्रा ने बताया कि भर्ती देखने के लिए पांच हजार युवकों को टोकन बांटे गए थे। दौड़ प्रतियोगिता में 175 युवा ही सफल हो सके हैं। कहा कि पास हुए युवाओं को शारीरिक परीक्षण के लिए अगले चरण में प्रवेश दिया गया।