बसंती बयार और गंगा की कल-कल ध्वनि और गूंजती देववाणी के बीच रामनगरिया में
उल्लास और हर्ष का माहौल है। संतों की आराधना यूं तो वर्ष भर चलती है।
लेकिन गंगा तट पर साधनापूर्ण होने को है। इसके चलते सभी संप्रदाय के संतों
ने अपने-अपने समुदाय के साथ क्षेत्र में शोभायात्राएं निकालीं। वैष्णव
संप्रदाय के संतों ने हरिकीर्तन कर शोभायात्रा निकाली। माघ मास का अंतिम
रविवार होने से
रामनगरिया में उमड़े जनसैलाब के कारण पांचाल घाट पर सुबह 11
बजे से लगा जाम देर रात तक जारी रहा। बरेली-इटावा रूट के जाम होने से
रोडवेज यात्री परेशान दिखे। लोगों ने बसों से उतरकर नावों से गंगा पार कीं।
क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान भी अपने चरम पर हैं। वहीं प्रशासनिक
क्षेत्र में शनिवार रात शब्बीर कुमार नाइट का श्रोताओं ने जमकर लुत्फ
उठाया। इस दौरान निर्मल गंगा रैली भी निकाली गई। दीपदान भी किया गया।
पांचाल घाट पुल पर लगा जाम, लोग हुए हलकान
माघ
मास के आखिरी रविवार पर छुट्टी होने के चलते मेले में भक्तों का सुबह 4
बजे से ही तांता लगा रहा। अपने-अपने वाहनों से आए स्नानार्थियों ने सुबह
तड़के परिवार समेत गंगा में डुबकी लगाई। 10 बजे तक वापस होने के चलते
पांचाल घाट पुल पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। उधर, रामगंगा पुल तक
बसों का जमावड़ा लग गया। यहां वाहन तो दूर पैदल निकलना तक दूभर हो गया।
पुलिस मूकदर्शक बनी रही। करीब 1 बजे तक जाम की स्थिति भयावह हो गई। जाम
खुलता न देख सवारियों ने पुल से नीचे उतरकर नाव का सहारा लिया। करीब 11
घंटे तक जाम लगा रहा। इधर, प्रशासनिक अधिकारी व पुलिसबल मुख्यमंत्री की
सुरक्षा में तैनात रहे। मेले में ड्यूटी पर तैनात सिपाही जाम खुलवाने की
मशक्कत करते रहे लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
जगह-जगह निकलीं शोभायात्राएं
वैष्णव
संप्रदाय के साधुओं ने क्षेत्र में दंडी संतों के साथ शोभायात्रा निकाली।
शोभायात्रा में हरिनाम संकीर्तन चलता रहा। इनका जगह-जगह स्वागत किया गया।
वहीं श्री पंच दसनाम जूना अखाड़ा के महाकालपुरी आश्रम के सोम गिरि, पर्वत
गिरि और नाथू गिरि आदि संतों ने शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा क्षेत्र का
भ्रमण करती हुई 10 नंबर सीढ़ी पर रुकी। यात्रा के दौरान साधुओं ने अपने भेष
में अस्त्रशस्त्रों के साथ करतब भी दिखाए।
गंगा को निर्मल रखने की ली सौगंध
वैष्णव
संप्रदाय व नागा संप्रदाय संतों की सामूहिक बैठक में निर्णय लिया गया कि
गंगा की अविरल धारा को बनाए रखने के लिए वह मिलकर कार्य करेंगे। सोम गिरि
बाबा ने कहा कि जब तक गंगा का अस्तित्व है, तब तक वह जीवित हैं। इसलिए वह
गंगा को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं वैष्णव संप्रदाय के
संतों ने एक स्वर से नागा संप्रदाय के संतों का समर्थन किया। सभी ने मिलकर
सौगंध ली कि गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए वह अपने प्राणों को न्यौछावर
कर देंगे।
गंगा को चढ़ाई गई पहनावन
गंगा भक्तों ने अपनी
मुरादें पूरी होने के चलते गंगा को पहनावन चढ़ाई। मुरादाबाद से आए शिवकुमार
ने कहा कि उनकी पुत्री का विवाह गंगा मइया की कृपा से हो गया है। इसलिए वह
गंगा मइया को पहनावन चढ़ाने आए हैं।
पुल के पटरे में पैर फंसकर घायल
शमसाबाद।
ढाईघाट पर लगे माघ मेला में रविवार को गांव बरई निवासी गंगा स्नान करने
आया था। स्नान करने के बाद वह घर लौट रहा था, तभी ढाईघाट के अस्थायी पुल के
पटरे में नेकराम का पैर फंस गया। ब्रजेश आदि ने बड़ी मशक्कत के बाद नेकराम
का पैर निकाला। इससे वह घायल हो गया। घायल को नर्सिंग होम में भर्ती कराया
गया। पुल ठीक न होने पर बाबा रक्षपाल दास, बाबा राकेश गिरि और मोहन दास
आदि ने नाराजगी जताई।
गंगा स्वच्छता को निकाली रैली
निर्मल गंगा
जन अभियान शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार को रामनगरिया में
रैली निकाली गई। इस दौरान गंगा स्वच्छता को लेकर कल्पवासियों को जागरूक
किया गया। रैली में मां गायत्री महिला मंडल फतेहगढ़ और गायत्री सेवा समिति
कायमगंज का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर मंजू राठौर, संध्या राजपूत,
विमलेश कुमार, सरिता दुबे, सविता राजपूत, अमितदेव राजपूत, सुमित कटियार,
सुरेंद्र गुप्ता, विजय सक्सेना, सत्यपाल, रविंद्र कुमार, नीता त्रिपाठी और
धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, श्री गंगा स्वच्छता महाभियान के बैनर तले
गंगा स्वच्छता संदेश यात्रा निकाली गई। भागीरथी मठ पर यात्रा का समापन
हुआ। पूर्व विधायक महरम सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर संयोजक
डा. संतोष प्रजापति, सुखदेवानंद, प्रवीन कुमार, आरती, रश्मि चौरसिया,
संदेश, लक्ष्मी और शकुंतला देवी आदि मौजूद रहीं। वहीं गंगा मइया स्वच्छता
एवं दीपदान आयोजन समिति के संरक्षक डा. अनुपम दुबे ने दुर्वाषा ऋषि आश्रम
पहुंचे। उन्होंने यहां भगवान शंकर का अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने गंगा
जी में दीपदान किया। इस अवसर पर सत्यव्रत पांडेय आदि मौजूद रहे।
दलहनी फसलों की करें अधिक पैदावार
रामनगरिया
में चल रहे पांच दिवसीय कृषि मेला एवं प्रदर्शनी में दलहनी फसलों की अधिक
पैदावार पर बल दिया गया। कार्यक्रम में बोलते हुए कृषि विशेषज्ञ जगदीशचंद्र
कटियार ने कहा कि दलहनी फसलों में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है।
इसलिए
किसान अधिक से अधिक दलहनी फसलों की पैदावार करें। बीज भंडार बढ़पुर के
प्रभारी मयंक द्विवेदी ने किसानों को रासायनिक खादों का कम प्रयोग करने की
सलाह दी। प्रगतिशील कृषक गजेंद्र सिंह ने वर्मी कंपोस्ट खाद की उपयोगिता पर
प्रकाश डाला। जिला विकास अधिकारी प्रहलाद सिंह ने पापुलर पेड़ लगाने की
सलाह दी। इस अवसर पर सत्यपाल सिंह सोमवंशी और एके सिंह आदि मौजूद रहे।
गौ, गंगा व गायत्री रक्षा का दिलाया संकल्प
आर्य
प्रतिनिधि सभा के चरित्र निर्माण शिविर में संत सम्मेलन का आयोजन किया
गया। इस दौरान साधुसंतों ने गौ, गंगा व गायत्री की रक्षा का लोगों को
संकल्प दिलाया। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि विवाह संस्कार में
कन्यादान से पहले गौ दान किया जाता है।
गायत्री जाप से मानसिक शांति गौ के
उपासना से शारीरिक एवं बौद्घिक शक्ति एवं गंगा से शरीर एवं आचमन से जीवन
में शांति प्राप्ति होती है। सीमा यादव ने भी विचार रखे। इस अवसर पर गीता
आर्या, उदिया आर्या, उपासना, विनीता देवी, नीलम, कांती देवी, लली देवी,
निर्मला, वीरवती, सुजाता, प्रमोद यादव, धर्मदेव चतुर्वेदी, प्रदीप
शास्त्री, राकेश आर्य, प्रदीप आर्य, राजकुमार, हरिओम, लवकुश, दीपक, रामू,
अर्जुन और रेनू आर्या आदि मौजूद रहीं।