शमसाबाद। ढाई घाट पर गंगा किनारे कल्पवास कर रहे साधु संत मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। साधु-संतों का कहना है कि मेले में न तो प्रकाश की व्यवस्था है और न ही मेला क्षेत्र में पर्याप्त हैंडपंप लगवाए गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की है।
ढाईघाट किनारे लगने वाले एक माह केे मेेले में एक माह तक कल्पवास करने के लिए एटा, फिरोजाबाद, मथुरा, कुरावली, जैथरा, अलीगंज और शाहजहांपुर आदि जिलों व कसबों से आए साधु संतों ने डेरा डाल लिया है। यहां कल्पवासियों को मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
साधु-संतों का कहना है कि मेला क्षेत्र में न तो ठीक तरह से रास्ते बनाए गए हैं और न ही पर्याप्त मात्रा में हैंडपंप लगे हैं। शौचालयों की भी व्यवस्था नहीं है। इससे कल्पवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाबा योगेश्वरानंद, बाबा रविदास, सुरेशानंद, महेश गिरि, रामेश्वर गिरि और बाबा पवनदास आदि का कहना है कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में हैंडपंप नहीं लगे हैं। पानी दूर से भरकर लाना पड़ता है।
प्रकाश व्यवस्था न होने के चलते रात में दिक्कत होती है। रेतीले रास्ते होने के चलते दुपहिया और चौपहिया वाहन बालू में फंस जाते हैं। शौचालय न बनाने से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं।