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Farrukhabad News: एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल को दबोचा

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फर्रुखाबाद। कानपुर से आई एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शुक्रवार देर रात तक थाने में मुकदमा लिखने की तैयारी चलती रही। लेखपाल हरदोई का मूल निवासी है।
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कायमगंज तहसील के गांव कुरार निवासी नेत्रपाल यादव एक साल से चकरोड की पैमाइश कराने के लिए तहसील के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। पीड़ित के अनुसार उसने 18 अक्तूबर को डीएम के दरबार में भी गुहार लगाई थी। क्षेत्रीय लेखपाल नरेश कुमार से संपर्क किया तो उसने रिश्वत में 20 हजार रुपये मांगे।
लेखपाल से परेशान नेत्रपाल ने 30 अक्तूबर को कानपुर के एंटी करप्शन थाने के प्रभारी चंद्रभान सिंह से संपर्क किया। टीम के सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार दोपहर में टीम के अधिकारी नेत्रपाल से मिले। टीम ने लेखपाल से मोबाइल पर बात कराई तो अपने पास से 10 हजार रुपये भी दिए। लेखपाल ने नेत्रपाल को कायमगंज कस्बे के रोडवेज बस अड्डा स्थित एक ढाबा पर बुलाया।
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टीम के अधिकारियों ने पहले ही वहां जाल बिछा लिया था। लेखपाल ने नेत्रपाल से 10 हजार रुपये लेकर बैग में रख लिए और जल्द ही नापजोख करने का भरोसा दिया।
जैसे ही लेखपाल ने बैग में रुपये रखे कि एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों दबोचकर रुपये भी बरामद कर लिए। इसके बाद अधिकारी लेखपाल को लेकर शहर के कादरीगेट थाने पहुंचे।
दो कारों में सवार करीब 13 अधिकारी-कर्मचारी कड़ी सुरक्षा में लेखपाल को दफ्तर तक ले गए। लेखपाल फतेहगढ़ कोतवाली के प्रीतम नगला में मकान बनाकर रहता है।
लेखपाल हरदोई के थाना मल्लावां के गांव पुरवामा निवासी बताया जाता है। देर रात तक अधिकारी मुकदमा दर्ज कराने के लिए लिखा पढ़ी करते रहे।
थाना इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला ने बताया कि एंटी करप्शन के अधिकारी लेखपाल को गिरफ्तार कर लाए हैं। वे लिखापढ़ी कर रहे हैं। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।
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तहसीलदार कायमगंज आलोक कटियार ने मीटिंग में होने की बात कहकर फोन काट दिया। जबकि एसडीएम कायमगंज यदुवंश कुमार ने काल रिसीव ही नहीं की।
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