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अइया एक ब्राह्मण को खाने के बाद क्या पानी भी नहीं पिलाइयो

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फर्रुखाबाद के गांव करथिया में सुभाष को दरवाजे के नीचे शराब का पौवा देता दोस्त। - फोटो : FARRUKHABAD
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बंधक बच्चों की जान को खतरा देखकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी परेशान थे। ऐसे में एक रणनीति के तहत सुभाष के करीबी दोस्तों को बुलाकर उसको उलझाए रखने का काम किया गया। उसके दोस्त अंशुल व विकास ने पांच घंटे तक लगातार दरवाजे पर बैठकर संवाद किया।
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सुभाष की पत्नी ने दरवाजे के नीचे से ही अपने पति के दोस्तों को खाने के लिए रोटी दी। पानी मांगने पर दरवाजा नहीं खोला और शराब के क्वाटर में पानी भरकर दिया। इस पर अशुंल ने कहा कि अइया एक ब्राह्मण को क्वाटर में पानी दे रही हो, भोलेनाथ रूठ जाएंगे। इस पर उसने छोटी कटोरी में पानी भरकर दरवाजे के नीचे से ही दे दिया।
बच्चों को बंधक बनाए सुभाष व उसकी पत्नी रूबी अपने साथ हुए अत्याचार को लेकर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। बार बार सुभाष बच्चों को बम से उड़ाने की धमकी दे रहा था। ऐसे में डीएम व एसपी ने सभी को पीछे हटा दिया था। अफसरों ने सुभाष व उसकी पत्नी का ध्यान बटाने को बातों में उलझाने का प्लान बनाया।
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इसके लिए सुभाष के उन करीबियों का पता लगाया जिनकी वह हर बात मानता था। पुलिस के बुलाने पर इन लोगों में शामिल पास के ही मजरे के अंशुल दुबे और विकास अपने दो दोस्तों के साथ सुभाष के दरवाजे पर पहुंचे। वे सुभाष व रूबी से बात करने लगे। अंशुल ने सुभाष से कहा कि ‘तुम्हारे दरवाजे पर भूख लगी है खाना नहीं खिलाओगे।
इस पर उसने पत्नी रुबी से रोटी मंगवाई और दोस्तों को दरवाजे के नीचे से ही दे दी। रोटी खाने के बाद दरवाजे खुलवाने के लिए अंशुल ने रुबी को अइया संबोधित करते हुए कहा कि खाना तो खिलवा दिया अब पानी भी पिलवा दो। इस पर रूबी ने खाली शराब के क्वाटर में पानी भरकर दरवाजे के नीचे से खिसका दिया। इससे अंशुल नाराज हो गया और कहा कि एक ब्राह्मण को शराब के क्वाटर में पानी दे रही हो भोलेनाथ नाराज हो जाएंगे।
तब रूबी ने कहा कि हैंडपंप से पानी पी लो जाकर, घर पर पानी कम है। अंशुल दरवाजे खुलवाने के लिए पानी पीने की जिद पर अड़ गया। इस पर रूबी ने कटोरी में पानी भरकर दिया। लगभग पांच घंटे तक यह लोग सुभाष व उसकी पत्नी का ध्यान बटाने का प्रयास करते रहे। सुभाष को भरोसा भी दे रहे थे कि बाहर आ जाओ कोई कुछ नहीं करेगा। तुमको सभी सुविधाएं दिलवाई जाएंगी।
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