बच्चों को बचाने में सुभाष से मोर्चा लेने के दौरान आईजी जोन के सीने में गोली लगी। हालांकि बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने से वह बाल-बाल बच गए। एसपी व एएसपी के ऊपर सुभाष ने हथगोला फेंक दिया था। इसके छर्रे लगने से दोनों घायल हो गए। स्वाट टीम के प्रभारी की जैकेट में भी गोली लगी पर चोट नहीं आई। स्वाट टीम के सिपाही नवनीत की गोली से सुभाष ढेर हो गया।
कोतवाल राकेश कुमार की ओर से दी गई तहरीर में कुछ इस तरह कहानी दी गई है। गुरुवार रात आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने रणनीति तैयार कर बच्चों को छुड़ाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। पुलिस से मुठभेड़ में सुभाष ने आईजी पर ही फायर कर दिया। गोली आईजी के सीने पर गोली लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट से वह बाल बाल बच गए।
यह देखकर एसपी डॉ. अनिल मिश्रा व एएसपी त्रिभुवन सिंह ने सुभाष को ललकारा। जवाब में सुभाष ने एसपी व एएसपी पर हथगोला फेंक दिया। इसमें दोनों अधिकरियों के हाथ में छर्रे लग गए। इस पर स्वाट टीम के प्रभारी दिनेश गौतम ने मोर्चा संभाला। सुभाष ने उन पर भी फायर कर दिया। गोली दिनेश गौतम की बुलेटप्रूफ जैकेट में धंस गई और वह बच गए।
स्वाट टीम के सिपाही नवनीत ने अपनी एक 47 से सुभाष पर फायर झोंका। इसमें गोली लगने से सुभाष जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दरवाजे से निकलकर भागी उसकी पत्नी रूबी को भीड़ ने घेरकर पीट डाला। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे अस्पताल भेजा गया। इलाज को सैफई ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
कोतवाल राकेश कुमार की तहरीर पर सुभाष व उसकी पत्नी के खिलाफ मुठभेड़ व विस्फोटक पदार्थ रखने में मुकदमा दर्ज किया गया। बताते चलें कि पुलिस ने घटना स्थल से पांच खोखे ही बरामद किए हैं। उसने गुरुवार दोपहर को तीन फायर किए थे। शाम को एक गोली बालू दुबे पर चलाई ्थी। रात एक बजे पुलिस पार्टी पर एक फायर किया था।