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अन्ना गोवंशों से नहीं मिली शहरियों को निजात

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सांकेतिक तस्वीर
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शासन के आदेशों का पालन जिले के अफसर नहीं कर पा रहे हैं। जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद अभी तक नगर पालिका प्रशासन चार दिन में महज 40 अन्ना गोवंश ही पकड़वा सका है। सड़कों पर अभी भी अन्ना गोवंश घूम रहे हैं। 
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शासन का आदेश है कि 10 जनवरी तक अन्ना गोवंशों को पकड़कर राजकीय गोसदन और अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में पकड़वाकर उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारी ने बीते दिनों धर्मपुर कटरी स्थित राजकीय गो सदन का जायजा लेकर नगर पालिका प्रशासन को आदेश दिए थे कि 10 जनवरी तक अन्ना गोवंशों को पकड़कर राजकीय गोसदन और अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में बंद किए जाएं। नगर पालिका प्रशासन ने गोवंशों को पकड़ने का अभियान तो शुरू किया, लेकिन चार दिन में सिर्फ 40 गोवंश ही पकड़े जा सके हैं। नगर पालिका प्रशासन प्राइवेट लोगों को लगाकर गोवंश पकड़वा रहा है। 

ठेकेदार मोहित सक्सेना ने बताया कि 30 सांड़ पकड़कर राजकीय गोसदन और 10 गायों को पकड़कर बेड़ारास बीबीगंज भेजा गया है। अभी भी गोवंशों को पकड़ने का अभियान चला रहे हैं। 10 जनवरी को भी चलाया जाएगा। 
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राजकीय गोसदन के प्रबंधक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि गोसदन में करीब 117 सांड़ बंद हैं। बीते दिन ही जिला प्रशासन ने इनके लिए चारा, दाना और भूसा भिजवाया था। पशु पकड़ो अभियान के बावजूद नगर पालिका क्षेत्र के नेहरू रोड, लोहाई रोड, रेलवे रोड, घुमना सब्जी मंडी समेत मुख्यमार्गों और गलियों में अभी भी सैकड़ों गोवंश घूम रहे हैं। हालांकि जिलाधिकारी के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन के सफाई नायक और सफाई कर्मचारी अन्ना गोवंशों को पेंट लगाकर चिह्नित कर रहे हैं। 

हैरत की बात तो यह है कि डीएम के आदेश के बावजूद राजकीय गो सदन, सातनपुर मंडी पानी टंकी के पास और ट्रांजिस्ट हॉस्टल तिर्वा कोठी फतेहगढ़ में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल नहीं बन सके हैं। 
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