कोटा चयन की बैठक में हुए बवाल में पुलिस ने 70 साल के विकलांग का शांतिभंग में चालान किया। विकलांग वृद्ध को इसकी जानकारी तब हुई जब उसके घर न्यायालय से जमानत दाखिल करने के लिए नोटिस आया।
विकलांग ने जिलाधिकारी से पुलिस की फर्जी कार्रवाई की शिकायत की।
थाना क्षेत्र के गांव टड़ौआ निवासी विकलांग मुन्नालाल ने डीएम से थाना पुलिस की शिकायत की है। इसमें कहा गया कि वह सेवानिवृत्त नलकूप कर्मचारी है । उसका एक पैर दुघर्टना में कट गया था और दूसरा पैर टूटा हुआ है।
इस कारण वह दोनों पैरों से विकलांग है। उसकी उम्र भी 70 साल हो गई है। डाक्टर ने भी उसको 70 फीसदी विकलांग घोषित किया है। एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए उसको दूसरों का सहारा लेना पड़ता है।
गांव में कोटा चयन के दौरान हुए बवाल में थाना पुलिस ने उसके खिलाफ शांति भंग की कार्यवाही कर दी। इसकी जानकारी कोर्ट से जमानत के लिए नोटिस आने पर हुई।
उसने कहा कि वह कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ था और उसके प्रधान व कोटेदार से कोई संबंध नहीं है। पीड़ित ने डीएम से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
थानाध्यक्ष मोहित यादव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके परिजन विकलांग वृद्ध की फोटो और एक आईडी लेकर थाने आए उनकी हर संभव मदद की जाएगी।