शहर क्षेत्र से अमरनाथ यात्रा पर गए दर्जनभर लोगों के परिवारीजन उनके सकुशल लौट आने की राह निहार रहे हैं। मोबाइल से संपर्क टूट जाने पर परिजन चितित हैं। अनंतनाग में हुए हमले के बाद यहां दहशत का माहौल है।
शहर क्षेत्र के मोहल्ला बागकूंचा के रहने वाले अनिल कुमार दीक्षित (45), उनकी पत्नी रेनू दीक्षित (40), बेटी जागृति दीक्षित (16), बेटा आदित्य दीक्षित (12) और अनिल कुमार की बहन सुमन मिश्रा निवासी इलाहाबाद और अनुराधा बाजपेयी निवासी शाहजहांपुर अमरनाथ यात्रा पर एकसाथ गए हुए थे। 2 जुलाई 2016 को यह लोग फर्रुखाबाद से रवाना हुए। 4 जुलाई को इन्होंने जम्मू में रजिस्ट्रेशन कराया।
9 जुलाई को इन्हें चढ़ाई चढ़नी थी। अनिल दीक्षित के भाई राजेश दीक्षित के अनुसार 7 जुलाई से इनसे मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। इस वजह से परिजनों को चिंता हो रही है। उनका कहना है कि अमरनाथ में क्या हुआ। इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन मोबाइल पर संपर्क न हो पाना चिंता का विषय है।
इसी तरह से शहर के मोहल्ला खतराना के रहने वाले जयनरायन मिश्र और उनकी पत्नी रंजना, बेटा अमन (20), पुलकित (14) तथा कुचिया मोहल्ले के रहने वाले रमाकांत मिश्रा और उनकी पत्नी अमरनाथ यात्रा पर गए हुए थे। जयनरायन मिश्र के भाई राजनरायन मिश्र का कहना है कि 8 जुलाई को उनसे बात हुई और कहा कि वह लोग चढ़ाई चढ़ने जा रहे हैं।
इसके बाद कोई बात नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि यहां से गए किसी भी व्यक्ति से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर उन्हें चिंता सता रही है। अमरनाथ में हुए हमले की खबर पर और परिजन चिंतित हो गए हैं।