फर्रुखाबाद। लोहिया जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं बची है। इमरजेंसी वार्ड में बेड पर मंगलवार को दो-दो मरीज लिटाने पड़े। मुख्य इमरजेंसी में मरीजों का स्ट्रेचर व व्हीलचेयर पर इलाज करना पड़ा। तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए डॉक्टरों ने गार्डों को बुलवाकर बाहर निकलवाया।
मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या के चलते व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक 175 मरीज भर्ती थे। सबसे अधिक करीब 80 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम के बताए गए। शाम तक इनकी संख्या और बढ़ने की आशंका जताई गई। इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक सभी बेड फुल हैं। इमरजेंसी में दोपहर 2:22 बजे सभी चार बेड फुल थे। इसके बाद आए मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज किया गया। यही नहीं एक वृद्ध को व्हीलचेयर पर बैठाकर मॉनीटर लगाया गया। इसके बाद व्हीलचेयर पर ही उनका इलाज किया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को शिफ्ट करने के लिए पुरुष और महिला वार्ड में बेड नहीं मिले। लिहाजा कई बेडों पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया।
-
फोटो-24 सिलिंडर खाली होने के बाद बिना ऑक्सीजन लेटा वृद्ध। संवाद
ऑक्सीजन खत्म, शिकायत कर दी अनसुनी
फर्रुखाबाद। अस्पताल के इमरजेंसी पुरुष वार्ड में कमालगंज के गांव नरायनपुर गढ़िया निवासी दिनेश पाल ने अपने पिता को बुखार व दमा बढ़ने के बाद भर्ती कराया। उनको ऑक्सीजन लगा दी गई। दिनेश ने दोपहर 2:20 बजे बताया कि आधा घंटे पहले गैस बंद हो गई थी। उन्होंने सिस्टर को बताया तो कुछ देर में आने की बात कही। लेकिन काफी देर तक नहीं आई। (संवाद)
-
फोटो-25 बर्न यूनिट के वार्ड में एसी चालू होने के बाद मरीजों को आराम। संवाद
एसी चालू होने से दिक्कत दूर
फर्रुखाबाद। रविवार को बर्न यूनिट के वार्ड में रातभर बिजली न आने के बाद अंधेरा और पंखा बंद होने से परेशान एक मरीज को परिजन ने सड़क पर लिटा दिया था। इस घटना के बाद जिम्मेदार हरकत में आए। यूनिट में दो इन्वर्टर में दो-दो बैटरी लगी थीं। सोमवार शाम के समय चारों बैटरी खोलने के बाद एक-एक नई बैटरी लगा दी गई। इससे रातभर पूरी यूनिट में रोशनी बनी रही। मरीजों ने बताया कि वार्ड में लगे दो एसी में एक चालू हो गया है। इससे काफी राहत है। (संवाद)