महामारी से बचने के लिए आल्हा गायक मुन्नालाल लोगों को कर रहे जागरूक
फर्रुखाबाद। कला किसी की मोहताज नहीं होती है। यह आल्हा सम्राट कहे जाने वाले मुन्नालाल ने साबित कर दिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के नेहरू रोड निवासी आल्हा सम्राट मुन्नालाल राठौर मूल रूप से गांव दुबरी के रहने वाले हैं। महज कक्षा दो तक उन्होंने शिक्षा हासिल की है। पर उनकी सोच बड़ी है।
तभी जनजागरूकता में विशेष सहयोग के लिए उन्हें अभी तक प्रदेश के 21 जिलों के जिलाधिकारी सम्मानित कर चुके हैं। अब वह कोरोना से बचाव को आल्हा की शैली में कविता लिखकर लोगों जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है- कोरोना बीमारी फैली जो चमगादर से भई तैयार, छुआछूत की यह बीमारी इसकी हवा जिसे लग जाए, कोरोना से जो बचना चाहो, घर में बंद सभी हुई जाओ।
बचपन से ही तुकबंदी में उनको महारथ हासिल है। जवानी में कदम रखने से पहले ही वह आल्हा का मंच सजाने लगे। राठौर आल्हा गायन दल के नाम से उनकी टीम यूपी के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में पंजीकृत है। उनकी टीम में वाद्य यंत्र बजाने वालों में वेद राम राठौर, सूरज पाल, बालक राम, श्रीगोपाल राठौर शामिल हैं। वह यूपी के अधिकांश जिलों के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान में प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
उनका मुख्य उद्देश्य जनजागरण को सरकार के उठाए गए कदमों को लोगों तक आल्हा के माध्यम से पहुंचाना है ताकि जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और मनोरंजन भी हो।
अब वह अपने जिले के लोगों को इस कोरोना महामारी के संकट से बचाने के लिए आल्हा के माध्यम से जागरूक कर रहे हैं- दवा नहीं है इस बीमारी की पूरी दुनिया रही धबराए, लॉकडाउन से घटे बीमारी एक-एक मीटर की दूरी पे राव। घर के अंदर रहे सब जनता, इधर-उधर न कोई जाए। जिले की सीमा सील करा दी, कोई बाहरी घुसि न जाए, लॉकडाउन को जो न मानें, पुलिस डंडा देत बजाए।
मुन्ना लाल कहते हैं कि जागरूकता से ही बीमारी भागेगी। जब इसका कोई इलाज नहीं है तो बचाव बहुत ही जरूरी है।