अक्षय तृतीया का पर्व और सोने के दाम गिरने के बावजूद इस बार सर्राफा बाजार
से रौनक गायब रही। यह इसलिए कि इस बार कुदरत के कहर से किसानों की कमर टूट
गई। फसल पूरी तरह बर्बाद होने का असर सर्राफा बाजार पर भी पड़ा। सर्राफा
व्यवसायियों का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार करीब 50 प्रतिशत तक
दुकानदारी घटी है।
नेहरू रोड, सेठ गली, रेलवे रोड, चूड़ी वाली गली और
कोतवाली रोड फतेहगढ़ में सर्राफा बाजार है। अक्षय तृतीया के चलते सर्राफा
दुकानदारों ने आकर्षक डिजाइनों में डायमंड और गोल्ड ज्वैलरी स्टाक की थी।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार पर्व पर सोने के दाम भी गिरे हैं। इसलिए
दुकानदारों को अधिक बिक्री की उम्मीद थी लेकिन इस पर पानी फिर गया। फसल
पर
कुदरत की मार का असर सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया। सर्राफा दुकानों पर
इक्का-दुक्का ग्राहक ही नजर आए। जो ग्राहक गोल्ड, डायमंड और सिल्वर की
ज्वैलरी खरीद रहे थे उनमें अधिकांश शहरी क्षेत्र के ही थे। एक-दो दुकानों
पर ही ग्रामीण अंचलों के लोग दिखाई दिए।
श्री सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष
अरुणप्रकाश तिवारी ददुआ कहते हैं कि सर्राफा बाजार में ग्रामीण ग्राहक
नदारद हैं। फसल बर्बाद होने से दुकानदारी पर काफी असर पड़ा है। नेहरू रोड
स्थित सोनम ज्वैलर्स के स्वामी संजय वर्मा कहते हैं कि किसानों की फसल
बर्बाद होने से पिछले साल की अपेक्षा इस बार अक्षय तृतीया पर दुकानदारी
करीब 50 प्रतिशत घटी है। इस बार
बमुश्किल 80-90 लाख रुपये का बाजार होने की
उम्मीद है। सर्राफा दुकानदार शिवांग रस्तोगी का कहना है कि बाजार में
ग्रामीण इलाकों से कोई भी खरीदारी करने नहीं आ रहा है। अक्षय तृतीया पर शहर
क्षेत्र के लोग ही खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारी में काफी गिरावट आई है।
पिछले साल जहां अक्षय तृतीया पर सर्राफा बाजार करीब 2 करोड़ रुपये का हुआ
था, वहीं इस बार एक करोड़ रुपये पहुंच जाए तो बड़ी बात है।
सोने में 100 रुपये का उछाल
त्योहार
पर सोने के दाम में 100 रुपये का उछाल आया है। वहीं चांदी के दाम पुराने
ही रहे। 20 अप्रैल को सोना 27 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 370
रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं 21 अप्रैल को सोना 27100 रुपये पर पहुंच
गया।