फर्रुखाबाद ब्राह्मण समाज सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती
अवसर पर शहर में गाजेबाजे के साथ परशुराम शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा का
जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इससे पहले ब्राह्मण धर्मशाला में
यज्ञ और गोष्ठी का आयोजन किया गया।
समिति की ओर से मंगलवार को भगवान
परशुराम जयंती अवसर पर ब्राह्मण समाज धर्मशाला में सुबह यज्ञ का आयोजन किया
गया। यज्ञ में अध्यक्ष अरुणप्रकाश तिवारी ददुआ और महामंत्री रमेशचंद्र
त्रिपाठी आदि ने आहुतियां डालीं। इसके बाद हुई गोष्ठी में अध्यक्ष ने कहा
कि भगवान परशुराम ने मानवता हित के लिए ही शस्त्र उठाया था। वह अन्याय के
विरोधी थी।
शाम को रेलवे रोड स्थित पांडेश्वरनाथ मंदिर से शोभायात्रा
प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे काली का अखाड़ा था। उसके पीछे
चंद्रशेखर आजाद, रामदरबार और भगवान परशुराम की झांकी थी। त्रिपोलिया चौक पर
एमएलसी मनोज अग्रवाल और विनयाशा होटल पर भारत विकास परिषद के अध्यक्ष संजय
गर्ग व समाजसेवी निमिष टंडन ने शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा
रेलवे रोड, त्रिपोलिया चौक और घुमना बाजार से होती हुई ब्राह्मण धर्मशाला
पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान
भगवान परशुराम के स्वरूप की आरती उतारी गई।
इस
अवसर पर गिरीशचंद्र द्विवेदी, विनय द्विवेदी, डा. हरिदत्त द्विवेदी,
शैलेंद्र दुबे, अवधेश दीक्षित, अनिल पांडेय, अभयशंकर दुबे, राधेमोहन मिश्र,
संजीव मिश्रा बाबी, कैलाश मिश्र, पीयूष दुबे बिट्टू, बल्लू पांडेय, सुरेश
सारस्वत, राममुरारी शुक्ल, शिवओम अंबर, ओमप्रकाश मिश्र कंचन, महेश शुक्ल,
विक्रांत अवस्थी, अशोक मिश्र, रामवीर शुक्ल और राघवदत्त मिश्र आदि मौजूद
रहे।
जहानगंज प्रतिनिधि के अनुसार गांव गदनपुर तुर्रा स्थित काली नदी
पुल के पास स्थित परशुराम मंदिर में भगवान परशुराम की मूर्ति की
प्राण-प्रतिष्ठा हुई। भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय
ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्रनात्र त्रिपाठी, प्रदेश
उपाध्यक्ष अवधेश त्रिपाठी, लल्लन अग्निहोत्री, कौशलेंद्र पांडेय, श्यामू
चतुर्वेदी, संजू चतुर्वेदी और रामरक्षपाल आदि मौजूद रहे।
महाभिषेक के बाद हुई महाआरती
ब्राह्मण महासंघ की ओर से भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भगवान परशुराम
की प्रतिमा का महाभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती हुई। बद्री विशाल
डिग्री कालेज में मंगलवार को महासंघ के बैनर तले लोग एकत्र हुए। सबसे पहले
स्वामी शिवानंद सरस्वती का स्वागत किया गया। नारायणदत्त द्विवेदी, रवि
मिश्रा, सुनील तिवारी, अभय शंकर, मुनीश मिश्र,
आदित्य दीक्षित और डा. दिनेश
अग्निहोत्री ने भगवान परशुराम की प्रतिमा का दूध, दही, शहद, गंगाजल, इत्र
और शक्कर से महाभिषेक किया। आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने महाआरती की।
इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मृत्युंजय शर्मा, बिटाना
अग्निहोत्री, दिवाकरनंद दुबे, रामजी मिश्रा, कृष्णकांत अक्षर, राकेश
शुक्ला, श्यामजी चतुर्वेदी, आदित्य शुक्ला, रामप्रकाश द्विवेदी, अमन
शुक्ला, अविनाश अवस्थी और अभय शुक्ला आदि मौजूद रहे।