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Farrukhabad News: कृषि वैज्ञानिकों ने दी प्राकृतिक खेती करने की जानकारी

Sat, 07 Jun 2025 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फर्रुखाबाद। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत शनिवारी को कमालगंज क्षेत्र के गांवों में कृषि गोेष्ठी हुई। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धति व प्राकृतिक खेती करने का तरीका बताया।
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ब्लॉक कमालगंज क्षेत्र के गांव कतरौलीपटट्टी, गोपालगंज व महरूपुर सहजू में कृषि गोष्ठी हुई। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.वीके शर्मा ने किसानों को बताया कि बुवाई से पहले बीज संशोधित करना जरूरी है। प्राकृतिक तरीके से बीज संशोधित करने से अच्छा अंकुरण आएगा। अच्छी फसल होने से उत्पादन भी बढ़ेगा। इसके लिए 5 किलो देसी गाय का गोबर 5 लीटर देसी गाय का गोमूत्र, 50 ग्राम चुनाव या काली, 20 लीटर पानी, एक मुट्ठी खेत की मिट्टी को घोलकर 24 घंटे तक रखें। दिन में दो बार लकड़ी से इसे हिलाना है। बीजों को 6-7 घंटे तक डुबोकर रखें। फिर बीज निकालकर छाया में सुखाने के बाद खेत में रोपित करें। इससे पौधे बीमारियों से बचे रहते हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर अलका कटियार ने पोषक वाटिका व अन्य फसलों में रसायन का प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने प्राकृतिक तरीके से फसल सुरक्षा के लिए रस चूसने वाले कीट व छोटी सूड़ी, इल्लियों के नियंत्रण के लिए नीमास्त्र बनाने की विधि बताई। नीमास्त्र के लिए 5 किलो नीम की पत्तियां या नीम के फलों को कूटकर 100 लीटर पानी में डाल दें। 5 लीटर गोमूत्र व एक किलो देसी गाय का गोबर मिलकर लकड़ी से दिन में तीन बार चलाएं। 48 घंटे बाद कपड़े से छान लें। पोषक वाटिका में 10 लीटर पानी में एक लीटर नीमास्त्र मिलाकर छिड़काव करें। भूमि संरक्षण अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने पौधारोपण की सलाह दी। गांव कतरौली पट्टी में हिमांशु दुबे, गोपालपुर में अनूप तिवारी, महरूपुर सहजू में निर्मल कुमार में किसानों को प्राकृतिक खेती करने का तरीका बताया।
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