कंपिल (फर्रुखाबाद)। बेबसी ऐसी की चंद कदम पर रो रही बीमार नवजात बच्ची से मिलने के लिए एक मां सात घंटे धूप में खड़े होकर इंतजार करती रही।
बाढ़ में नाव का इंतजाम न होने के कारण जब मां का धैर्य जवाब दे गया तो वह बाढ़ के पानी में घुस गईं। गर्दन तक पानी में दो किमी. का सफर तय करने के बाद वह सकुशल बच्ची तक पहुंचीं और उसे गले से लगा लिया।
जनपद बदायूं थाना उसैत के गांव महमूदपुर लिवान निवासी महिला पिंकी ने क्षेत्र के गांव सिवारा खास निवासी अपनी ननद मंजू को तीन दिन पूर्व अपनी 27 दिन की बेटी को गोद दिया था। मंजू के एक 12 वर्षीय पुत्र है।
दूसरी औलाद न होने पर उन्होंने अपनी भाभी पिंकी की बेटी को गोद ले लिया और घर ले गईं। उधर, गुरुवार को बच्ची की तबीयत खराब हो गई। चिंता मे मंजू भी बीमार हो गईं।
शुक्रवार सुबह मंजू ने बच्ची को वापस भेजने की बात अपनी भाभी पिंकी से कही। बीमार होने के कारण मंजू ने पड़ोसी श्यामवीर, उनकी पत्नी सुनीता के साथ बच्ची को घर से भेज किया।
उधर से मां पिंकी सुबह छह बजे ही बदायूं के गांव से राईपुर चिंघटपुर के पास टूटी पुलिया पास पहुंच गईं और बीमार बच्ची के आने का इंतजार करने लगीं। इधर, गांव सिवारा खास से पहुंचे पड़ोसी और उनकी पत्नी सुनीता बच्ची को गोद में लेकर वोट का इंतजार करने लगीं।
करीब सात घंटे तक इंतजार के बाद मां का धैर्य जवाब दे गया। वह दोपहर करीब एक बजे गांव तल्फी नगला के खेतों में भरे गर्दन तक पानी से कई बाधाओं को पार करते हुए कंपिल क्षेत्र की ओर आ पहुंचीं। मां ने पुत्री को गोद में ले लिया। उनके चेहरे पर उभरी मुस्कुराहट बता रही थी कि तमाम बाधाएं हार गईं और मां की ममता जीत गई।
तीन स्थानों पर सड़क कटी होने से आवागमन ठप
गौरतलब है की पिछले 40 दिनों से कंपिल-बदायूं मार्ग पर सड़क तीन स्थानों पर कटी होने से आवागमन ठप है। लोग वोट के सहारे ही टूटी पुलिया पार कर रहे हैं। पानी कम होता देख गुरुवार को प्रशासन ने वाल वापस लौटा दीं। इससे पिंकी को पानी से गुजरकर बच्ची तक पहुंचना पड़ा।
फोटो-01,कंपिल बदायू मार्ग पर बीमार बच्ची क़ो माँ से मिलाने के लिए वोट का इंतजार करती सुनीता,संवा