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Farrukhabad News: ग्रामीण की मौत के बाद लोग करते रहे जेई को कॉल

Fri, 06 Feb 2026 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-18 गांव अर्रापहाड़पुर में सर्वेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद
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फर्रुखाबाद। अर्रापहाड़पुर क्षेत्र में ग्रामीण सर्वेश यादव की करंट से मौत की घटना के बाद भी बिजली विभाग के जेई मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इतना ही नहींं जेई ने तहसीलदार का भी फोन नहीं उठाया।
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सर्वेश यादव की मौत के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तारों में करंट देखा और तुरंत बिजली विभाग के जेई को सूचित करने के लिए फोन मिलाया। हालांकि, जेई ने फोन नहीं उठाया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रभारी तहसीलदार सनी कनौजिया ने भी जेई को बिजली बंद करने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तहसीलदार ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अनुशासनहीनता है और जेई के खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए बाद में एक लाइनमैन को बुलाया गया, जिसने खंभे पर चढ़कर केबल को कटवाया। ग्रामीणों ने तहसीलदार को फैंसिंग के लिए लगे तारों को भी दिखाया, जो संभवतः करंट का स्रोत थे।
कुर्क जमीन पर फसलें बोई गईं, जिम्मेदार बेखबर
यह घटना हनुमानजी महाराज ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन से जुड़ी है, जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था। जमीन का प्रशासक सदर तहसीलदार को बनाया गया था, लेकिन इसके बावजूद उस पर लगातार फसलें बोई जाती रहीं। पिछली साल इस जमीन पर बोई गई सरसों की फसल को ट्रैक्टर से जुतवा दिया गया था और फिर से बुआई करवा दी गई। इसी जमीन पर तार लगाकर करंट भी दौड़ा दिया गया था, जिसका नतीजा सर्वेश यादव की मौत के रूप में सामने आया। यह जमीन कागजी हेराफेरी के माध्यम से गैंगस्टर आरोपी अनुपम दुबे के परिजनों और अन्य लोगों के नाम करवा दी गई थी। ट्रस्ट के सर्वराकार एकलव्य ने कानूनी लड़ाई लड़ते हुए अदालतों से ट्रस्ट के पक्ष में आदेश प्राप्त किए, लेकिन जमीन गैंगस्टर एक्ट से रिलीज नहीं हुई।
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करंट दौड़ने की बात गलत, जान से मारने की थी साजिश
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में भर्ती हनुमानजी महाराज ट्रस्ट के सरवराकार एकलव्य ने बताया कि जमीन ट्रस्ट की है। कई सक्षम अदालतों से ट्रस्ट के पक्ष में आदेश दिए थे। सर्वराकार होने के नाते मंदिर और जमीन की रखरखाव करना उनकी जिम्मेदारी है। तारों को सिर्फ जानवरों को घुसने से रोकने के लिए लगाया गया था। उनमें करंट दौड़़ाने की बात गलत है। जिस ग्रामीण की मौत हुई है, वह साजिश के तहत उन्हें और परिवार को फंसाने के लिए किया गया है। जिन लोगों ने अपने नाम जमीन करवा ली थी, उन्होंने जान से मारने की नियत से हमला करवाया है। उस मार्ग से हजारों लोग निकलते हैं। किसी भी व्यक्ति ने करंट लगने की शिकायत तक नहीं की। यदि करंट लगा होता, तो किसी जानवर को ही लगता। वह हमले की पुलिस से लिखित शिकायत करेंगे। (संवाद)

फोटो-18 गांव अर्रापहाड़पुर में सर्वेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद

फोटो-18 गांव अर्रापहाड़पुर में सर्वेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद

फोटो-18 गांव अर्रापहाड़पुर में सर्वेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद

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