पांचाल घाट पर गंगा का जल स्तर दर्शाता पैमाना।
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फर्रुखाबाद। गंगा के बाद रामगंगा भी उफान मारने लगी हैं। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने के बाद रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा की तेज धारा से तराई क्षेत्र में बसे गांवों में कटान तेज हो गया। पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। कई ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है।
नरौरा बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी की मात्रा तीन दिन से अधिक होने के कारण गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 से ऊपर 136.70 मीटर पर पहुंचने के बाद स्थिर हो गया। तेज धारा के कारण शमसाबाद के गांव अचानकपुर में कटान तेज हो गया है। गांव कटरी तौफीक में कई ग्रामीणों के घरों में गंगा का पानी भर गया है। फसलें डूब गई है। घरों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों ने छतों पर पॉलिथीन तान का आशियाना बना लिया है।
रविवार को गंगा में नरौरा से 180747 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना बन गई है। रामगंगा में खो हरेली और रामनगर से 22094 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे रामगंगा ने भी उफान भरना शुरू कर दिया। जलस्तर 134.00 मीटर पर पहुंच गया है। सिंचाई विभाग ने और पानी बढ़ने की आशंका जताई है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने तीनों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों को बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखने और बाढ़ की स्थिति की रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।