आवारा पशुओं को शहर से बाहर छोड़ने के लिए और स्वामित्व वाले पशुओं को बंद करने के लिए नगर पालिका परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर को पत्र लिखा गया है। इसमें तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर क्षेत्र में जगह-जगह आवारा पशुओं के घूमने से दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं बनी रहती हैं। अमर उजाला सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसीके तहत नगर पालिका परिषद भी मुहिम छेड़ने जा रही है। कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी रामकिशोर कमल का कहना है कि शहर क्षेत्र में कुछ लोग जान-बूझकर अपने जानवर खुला छोड़ देते हैं।
कुछ जानवर आवारा हैं। अधिशासी अधिकारी रोली गुप्ता ने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर जगदीश कुमार को निर्देश दिए कि वह तत्काल प्रभाव से आवारा पशुओं के मौजूद होने के स्थानों को चिह्नत करें। नालों की सिल्ट सफाई के बाद आवारा पशुओं को पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया जाए।
कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी का कहना है कि ईओ मौजूदा समय में अवकाश पर चल रही हैं, जिस वजह से आवारा पशुओं को पकड़ने में देर हो रही है। उन्होंने कहा कि चीफ सनेटेरी इंस्पेक्टर से कहा गया है कि यदि आवारा पशुओं को पकड़ने में कोई व्यक्ति या सामाजिक संगठन आड़े हाथ आता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रभाव से उन्हें दी जाए, ताकि पुलिसबल के साथ मिलकर जानवर पकड़े जाएं।
इंचार्ज ईओ का कहना है कि फर्रुखाबाद व फतेहगढ़ कोतवाल को इस संबंध में बता दिया गया है। सिल्ट सफाई के बाद आवारा पशुओं को शहर के बाहर छुड़वा दिया जाएगा। जो पशु मालिक जान-बूझकर अपने पशुओं को छोड़ देते हैं, उनके पशुओं को बंद कराया जाएगा।
आवारा पशुओं को पकड़वाने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है। पालिका को यदि किसी तरह की दिक्कत आ रही है तो वह संपर्क करें। उनकी समस्या का समाधान हर स्तर पर किया जाएगा। जो पशु पालक अपने पशुओं को आवारा छोड़ रहे हैं, वह उन्हें बांधकर रखें।
रविंद्र कुमार (जिलाधिकारी)।