फर्रुखाबाद। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोषी ठहराया। ग्रामीण को तीन साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
थाना कमालगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष एसके सिंह ने जनपद कन्नौज निवासी खुशीराम उर्फ खुशिया के खिलाफ पांच अप्रैल 1999 को कमालगंज थाना में गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि खुशीराम उर्फ खुशिया गैंग बनाकर क्षेत्र में रंगदारी, मारपीट कर अवैध धन उगाई करता है। लोग इसके खिलाफ गवाही देने से भी डरते हैं। इसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
विवेचक ने विवेचना पूरी कर खुशीराम उर्फ खुशिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेश परमार, भानु प्रताप सिंह, राजीव कुमार ने दलीलें दी। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व साक्ष्य के आधार पर खुशीराम उर्फ खुशिया को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार देते हुए तीन साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये बतौर जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।