कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ज्योना गांव में मंदिर में बंद अन्ना मवेशियों को बाहर निकालने में प्रशासन को 24 घंटे लग गए। इससे मवेशियों को रात में भरपेट चारा भी नहीं मिला। मंदिर के पुजारी व आसपास के कुछ लोगों ने घरों के पशुओं से बचा चारा डाल दिया था। प्रशासन ने कुछ मवेशी गांव में बांट दिए तो कुछ गोशाला पहुंचा दिए।
अन्ना मवेशियों से किसान परेशान हैं। इन मवेशियों के झुंड रात के समय किसानों की फसल को बरबाद कर चले जाते हैं। अब किसानों का सब्र टूटने लगा है। मंगलवार दोपहर को गांव ज्योना के ग्रामीणों ने आधा सैकड़ा से अधिक मवेेशी गांव के एक मंदिर परिसर में बंद कर दिए थे। सूचना पर पुलिस पहुंची थी। इसके बाद तहसीलदार गजेंद्र सिंह पहुंचे। प्रशासन व पुलिस ने मवेशी मंदिर से निकालने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण उन्हें निकालने को तैयार नहीं हुए। देर रात तक पुलिस व प्रशासन के अधिकारी गांव में डटे रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तनाव को देखते हुए सीओ राजवीर सिंह सर्किल के फोर्स के साथ पहुंच गए।
ग्रामीण फिर भी नहीं माने, बाद में तहसीलदार गांव के कुछ लोगों से चारे की व्यवस्था करने को कहकर वापस चले आए। मंदिर के पुजारी व आसपास के कुछ ग्रामीणों ने चारे की व्यवस्था की, लेकिन मवेशियों की संख्या अधिक होने से उन्हें भरपेट चारा भी नहीं मिल सका। मवेेशी रात भर भूखे रहे।
सुबह तहसीलदार, इंस्पेक्टर राधेश्याम फोर्स के साथ गांव पहुंचे और मंदिर से मवेशी निकाले गए। कुछ मवेशी ग्रामीणों को पालने के लिए दे दिए गए। कुछ सिरोली के जंगल में छुड़वा दिए अन्य मवेशियों को लोडर में लादकर कायमगंज की भगवती गोशाला व कंपिल की गोशाला में पहुंचा दिए गए। करीब 24 घंटे प्रशासन को मंदिर से मवेशी निकालने में लग गया। अधिकारी यह नहीं बता सके कि कितने मवेशी कहां भेजे गए।