फर्रुखाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में व्यवस्थाएं रामभरोसे चल रही हैं। वार्डनों व विद्यालय स्टाफ के हौसले इतने बुलंद हैं कि लापरवाही पकड़ने पर भी उसे सुधारा जाना मुनासिब नहीं समझा जाता। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बा विद्यालय राजेपुर में छात्रा की मौत के बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में एक रसोइया की एडवांस अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई। हालांकि अब विभागीय अधिकारी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
छात्रा आयशा की मौत के बाद गुरुवार को तीन सदस्यीय जांच टीम में शामिल बीईओ अनूप सिंह, सतीश वर्मा व भारती शाक्य मामले की जांच करने पहुंची। उपस्थिति रजिस्टर में स्कूल में तैनात एक रसोइया की 20 से 24 दिसंबर तक की एडवांस अनुपस्थिति दर्ज थी। सूत्रों ने बताया कि जिस रसोइया की एडवांस में अनुपस्थिति दर्ज की गई है, उसने तबीयत खराब होने पर वार्डन को पत्र भेज अवकाश मांगा था। एक विभागीय अधिकारी के कहने पर वार्डन ने उसे छुट्टी तो नहीं दी, बल्कि उपस्थिति रजिस्टर में एडवांस में अनुपस्थिति जरूर दर्ज कर दी। यह तो बानगी भर है। अगर विभाग बा विद्यालयों की गहनता से जांच करवाए तो कई बड़े घोटाले सामने आएंगे।
बीएसए गौतम प्रसाद ने बताया की रसोइया की एडवांस में अनुपस्थित लगाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर एडवांस में अनुपस्थिति दर्ज है तो बड़ी लापरवाही है। मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।