विकास भवन स्थित कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी ने अपर अर्थ एवं संख्या अधिकारी (एडीएसटीओ) को सोमवार सुबह विकास कार्यों की तैयार पत्रावली सहित बुलाया। उनके मौजूद रहने तक कार्यालय में न रुकने व पत्रावली तैयार न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इससे गुस्साए एडीएसटीओ ने दीवार में सिर पटक दिया। बौखलाहट देख सीडीओ ने फोन कर पुलिस बुलाई और उनको कोतवाली भेजकर डीएम को अवगत कराया। हालांकि कुछ देर बाद एडीएसटीओ को छोड़ दिया गया।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों की आठ अगस्त को मंडलीय समीक्षा बैठक है। इससे विकास कार्यों की पत्रावली तैयार की जा रही है। दो अगस्त को सीडीओ ने एडीएसटीओ राहुल शंकर को डाक भेजी तो चपरासी ने रिसीव की। सीडीओ ने खुद डाक रिसीव न करने पर नाराजगी जताई । एडीएसटीओ ने जवाब दिया कि डाक तो कोई भी रिसीव कर सकता है। इसको लेकर नोकझोंक हुई थी।
इसके साथ सीडीओ ने आदेश कर दिया कि शाम को जब तक वे कार्यालय में रहेंगे, तब तक विकास भवन के किसी विभाग का अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय छोड़कर नहीं जाएगा। एडीएसटीओ कार्यालय का उपस्थिति रजिस्टर डीडीओ कार्यालय में रखवा दिया गया। बीच में रविवार होने से सोमवार सुबह ही सीडीओ ने डीएसटीओ सरिता सिंह, एडीएसटीओ राहुल शंकर व पंकज बाजपेई को कार्यालय बुलाया।
मंडलीय समीक्षा को लेकर पत्रावली की जानकारी मांगी और शाम को देर तक कार्यालय में न रुकने का कारण पूछा। पत्रावली तैयार न होने पर उन्होंने एडीएसटीओ पंकज बाजपेई पर कार्रवाई करने को कह दिया। इस पर पंकज बाजपेई उखड़ गए और उन्होंने सीडीओ कार्यालय के दरवाजे पर सिर पटक दिया। विभागीय सूत्रों की मानें तो उन्होंने खुदकशी करने तक की धमकी दे डाली।
इस पर सीडीओ ने डीडीओ को बुलाने के बाद पुलिस को फोन किया। इस पूरे प्रकरण से सीडीओ ने डीएम को भी अवगत कराया। फतेहगढ़ कोतवाल विकास भवन पहुंचे और पंकज बाजपेई को कोतवाली ले गए। हालांकि जिलाधिकारी ने उन्हें कलक्ट्रेट बुलवा लिया जहां से उनको छोड़ दिया गया।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सरिता सिंह ने बताया कि कोई खास बात नहीं है। स्टाफ कम और काम की अधिकता के चलते देर शाम तक कार्यालय में काम निपटाना पड़ रहा है। कभी-कभी तो रात नौ बजे तक कार्यालय खुले रहते हैं। ओवरलोडिंग की वजह से कुछ नोकझोंक हो गई थी। मंडलीय समीक्षा को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की 18 बिंदुओं पर पत्रावली तैयार की जा रही है।
एडीएसटीओ पंकज बाजपेई सिर में चोट लगने से शार्ट लीव लेकर चले गए। एडीएसटीओ राहुल शंकर का कहना है कि स्कूल का निरीक्षण न करने पर उनका वेतन रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है जबकि निरीक्षण के लिए उनकी ड्यूटी भी नहीं लगी थी। फतेहगढ़ कोतवाल अजय नारायण सिंह ने बताया कि सीडीओ के फोन पर वह विकास भवन से एक व्यक्ति को कोतवाली लाए थे। हालांकि विभागीय मामला होने से कोई लिखापढ़ी नहीं हुई।
जिला विकास अधिकारी दुर्गादत्त शुक्ला ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी अभिभावक की तरह होता है। उनकी नाराजगी पर अधीनस्थ को गुस्सा जाहिर नहीं करना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी डा.राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि दोनों एडीएसटीओ ने जिलाधिकारी के सामने अपनी गलती स्वीकार करने के साथ क्षमा मांग ली। इससे एडीएसटीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।