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एडीएम और एएसपी की गाड़ियां रोकीं, बैंककर्मियों को किया कैद

Tue, 20 Dec 2016 10:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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सड़क पर जाम लगाए ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 तहसील क्षेत्र में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की अमृतपुर शाखा में कैश न मिलने पर मंगलवार को भी उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उपभोक्ताओं ने बैंक का शटर बंद करके बैंककर्मियों को अंदर बंद कर दिया।
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वहीं, राजपुर में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में कैश न मिलने पर उपभोक्ताओं ने शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। यहां जाम लगाए उपभोक्ताओं ने एडीएम और एएसपी की गाड़ी को भी रोक लिया लेकिन पुलिस की सक्रियता से आनन-फानन में इन दोनों अधिकारियों की गाड़ियों को रवाना किया गया।


आर्यावर्त ग्रामीण बैंक अमृतपुर में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जैसे ही बैंक खुली तो भीड़ ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। बैंककर्मियों ने जब उन्हें बताया कि कैश नहीं आया है। अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
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इसके बाद भीड़ ने बैंक का शटर बंद करके कर्मचारियों को अंदर ही कैद कर दिया। घटना की जानकारी पर पहुंचे थानाध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उपभोक्ताओं को समझा-बुझाकर शटर खुलवाया। इसके बाद भयभीत बैंककर्मी पास की दुकान में जाकर बैठ गए और उपभोक्ता हो-हल्ला करते रहे।

अमृतपुर ग्रामीण बैंक का मामला शांत नहीं हुआ। इसी दौरान राजपुर ग्रामीण बैंक में कैश लेने गए उपभोक्ता जब निराश लौटे तो उन्होंने फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर जाम लगाकर यातायात रोक दिया। डेढ़ घंटा तक उपभोक्ताओं ने चक्का नहीं हिलने दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि बैंककर्मी उनके साथ पक्षपात कर रहे हैं और बड़े लोगों को भुगतान देकर उन लोगों को कैश नहीं दे रहे हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी आरबी सोनकर और एएसपी अशोक कुमार की गाड़ियां वहां से गुजरीं तो उपभोक्ताओं ने उनकी गाड़ियों को रोक लिया।

मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष पीतम सिंह ने उपभोक्ताओं को बताया कि यह बाहर के अधिकारियों की गाड़ियां हैं। जैसे-तैसे उपभोक्ताओं ने इन अफसरों की गाड़ियों को पास होने दिया। डेढ़ घंटे बाद थानाध्यक्ष के काफी समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोला।

उधर, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक याकूतगंज में कैश न मिलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक का ताला नहीं खुलने दिया। सहायक प्रबंधक ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। याकूतगंज चौकी पुलिस पहुंची। मामला न बढ़ने पर कोतवाल को सूचना दी। कोतवाल के समझाने पर भी ग्रामीणों ने ताला नहीं खोला।

वहीं आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कुटरा में कैश न मिलने से गुस्साए लोगोें ने सड़क पर जाम लगा दिया। चौकी पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
नोट बंदी के 42वें दिन शहर की कुछ बैंकों में भीड़भाड़ कम रही। उधर, नोट बंदी के बाद से बंद इलाहाबाद बैंक का एटीएम मंगलवार को खुला नजर आया।


मंगलवार को सेठ गली स्थित बैंक आफ बड़ौदा, रोडवेज बसअड्डा स्थित एचडीएफसी, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मुख्यमार्ग स्थित सिंडीकेट, रेलवे रोड स्थित विजया और महाराष्ट्र बैंक में ग्राहकों की ज्यादा भीड़ नहीं थी। इलाहाबाद बैंक का एटीएम जिस दिन से नोट बंदी शुरू हुई। उस दिन से बंद था। इस एटीएम में मंगलवार को करेंसी डालकर खोला गया तो रुपये निकालने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।

शाखा प्रबंधक महेशबाबू ने बताया कि एटीएम में करेंसी डालने के लिए मिली तो उसे खोल दिया गया। स्टेट बैंक रेलवे रोड पर ग्राहकों की लंबी लाइन लगी थी। वहीं विजया बैंक के एटीएम पर ग्राहकों की लाइन नजर आई। विजया बैंक के प्रबंधक जयवर्धन ने बताया कि एटीएम में लगातार कैश डलवाया जा रहा है। करेंसी आने के चलते अब धीरे-धीरे बैंक में भीड़ कम होने लगी है। उधर, मऊदरवाजा क्षेत्र में लगा आईडीबीआई का एटीएम भी कई दिनों से बंद पड़ा है।

कसबा स्थित स्टेट बैंक शाखा में रुपये मिलने में देरी होने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जैसे-तैसे ग्राहकों को शांत किया।मंगलवार को कसबा स्थित स्टेट बैंक में ग्राहकों की भीड़ लग गई।

भीड़ अधिक होने के चलते बैंक के अंदर जाने को लेकर ग्राहकों में धक्का-मुक्की होने लगी। प्रबंधक प्रमोद कुमार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्राहकों को लाइन लगाकर बैंक के अंदर भेजना शुरू किया। बैंक में सिर्फ प्रबंधक और कैशियर काजल के होने के चलते ग्राहकों ने यह कहते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया कि वह लोग काफी देर से लाइन में लगे हैं लेकिन अभी तक उन्हें रुपये नहीं मिले हैं।

एटीएम भी एक माह से खराब पड़ा है। प्रबंधक का कहना था कि कुछ बैंककर्मी छुट्टी पर हैं, जिसके चलते दिक्कत है। एटीएम सही कराने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
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