सहायक अध्यापक की नौकरी समाप्त होने को लेकर शिक्षामित्रों में उबाल है।
इन्होंने सोमवार को शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर स्कूलों में आए बच्चों की
छुट्टी कर दी। कई विद्यालयों में ताले जड़ दिए। इसको लेकर कई स्कूलों में
शिक्षकों और शिक्षामित्रों में तीखी नोकझोंक हुई। मोहम्मदाबाद में
शिक्षामित्रों ने जाम लगाने के बाद जुलूस निकाला। शहर से लेकर गांव
तक
प्रदर्शन होने के कारण स्कूलों में शिक्षण ठप रहा। कई स्कूलों में एमडीएम
नहीं बना। संगठन के पदाधिकारियों ने आर पार की लड़ाई लड़ने का मूड बना
लिया है। वह एनसीटीई के विरोध में दिल्ली में धरना प्रदर्शन करने की तैयारी
कर रहे हैं। शिक्षामित्रों ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ वह
सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। शहर से गांव तक हुए आंदोलन पर रिपोर्ट।
शिक्षकों और शिक्षामित्रों में तीखी नोकझोंक
शहरी क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों को बंद कराने के दौरान पल्ला तालाब स्कूल
में शिक्षक और शिक्षामित्र में तीखी नोकझोंक हो गई। शोर शराबा पर मोहल्ले
के लोगों ने शिक्षामित्रों को समझाकर शांत किया। यहां के बाद इन्होंने शहरी
क्षेत्र के अन्य स्कूलों में पहुंच कर शिक्षण कार्य ठप कराया। प्राथमिक
विद्यालय नेकपुर कलां, कन्या प्राथमिक विद्यालय बढ़पुर, प्राथमिक
विद्यालय
बढ़पुर, सहायता प्राप्त शीतला जूनियर हाईस्कूल समेत कई स्कूलों में
शिक्षामित्रों ने घुस कर बच्चों को छुट्टी होने जानकारी देकर स्कूल से बाहर
निकाल दिया। प्राथमिक विद्यालय रकाबगंज में एक शिक्षामित्र ने बच्चों के
बैगों को उठा कर फेंक दिया। इससे हेड मास्टर और शिक्षामित्र में विवाद हो
गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन
किया।
सड़क पर उतर कर किया गया प्रदर्शन
नवाबगंज में
शिक्षामित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष नरायनदेव और जिला उपाध्यक्ष पवन यादव के
नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ब्लाक क्षेत्र में घूम घूम कर विद्यालय बंद
कराए। कई स्कूलों में बच्चों को बाहर निकाल कर ताले डाल दिए। कस्बा चौराहे
पर पहुंच
कर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी करने के बाद आंदोलन में
धार देने का एलान किया। इस दौरान भूपेंद्र यादव, रमाकांत चतुर्वेदी,
योगेन्द्र कुमार, रवीश बाबू, विनय गंगवार, शशिबाला, मधुलता, शिवसिंह, महेश,
अनीता समेत भारी मात्रा में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
जाम लगा कर निकाला जुलूस
मोहम्मदाबाद मे
शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष ऋषीपाल यादव के नेतृत्व में शिक्षामित्रों
ने नगला दलजीत सिंह, मौधा, अटसानी, लखरौआ, बिहार, नगला सूदन, नगला मोती,
भटकुर्री, खिमसेपुर, कु बेरपुर, वनकटी, शेखपुर खजुरी, पखना समेत कई
विद्यालय बंद कराए। इसके बाद बीआरसी पहुंच कर प्रदर्शन करने के बाद कस्बा
चौराहे पर जाम लगा दिया। कुछ देर
जाम लगाने के बाद मोहम्मदाबाद- बेवर रोड
पर पुराने पेट्रोल पंप तक जुलूस निकाला। ऋषीपाल यादव ने कहा कि 15 सितंबर
को एक बजे शिक्षामित्र जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। प्राथमिक
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजय बहादुर
यादव ने शिक्षामित्रों से कहा कि
विद्यालय में प्रतिदिन हस्ताक्षर करें और अवकाश लेने के बाद प्रदर्शन कर
विरोध करें। इस दौरान नागेंद्र सिंह, प्रदीप राठौर, पूनम सिंह, संगीता
यादव, शरद यादव, विनीता सिंह, अनामिका, रचना पाठक, पियूष त्रिपाठी, अरविंद
कुमार, नवनीत गंगवार, विमल गंगवार, कृष्णपाल समेत शिक्षामित्र मौजूद रहे।
रोज विद्यालय बंद कराने का किया एलान
कमालगंज में
शिक्षामित्र महिला संघ जिला प्रभारी अनामिका सिंह के नेतृत्व में
शिक्षामित्रों ने घूम-घूमकर उबरी खेड़ा टीकाराय, पूरनपुर, सिंधौली, पट्टी,
रजीपुर समेत कई विद्यालय बंद कराए। सुल्तानपुर विद्यालय में शिक्षिका
लक्ष्मी ने विद्यालय बंद करने से इनकार कर दिया। शिक्षामित्रों ने बीआरसी
पर पहुंच कर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एक विद्यालय में
अनिश्चितकालीन
विद्यालय बंद होना सूचना पट पर लिख दी। शिक्षामित्रों ने रोजाना शिक्षण
कार्य का बहिष्कार कर विद्यालय बंद कराने का एलान किया। इस दौरान रेखा
सिंह, राजेश कुमार, नीलम मिश्रा, मुकेश कुमार, स्नेहलता, मोहम्मद नसीम,
धीरेंद्र सिंह, शिवराम सिंह, विकास कुमार, सतीश, शैलेंद्र कुमार मौजूद रहे।
यहां सदमे में शिक्षामित्र नितिन मिश्रा बेहोश होकर गिर पड़े।
बच्चे चले गए, शिक्षक बैठे रहे
राजेपुर में
संगठन के अध्यक्ष अनुराग मिश्रा ने शिक्षामित्रों के साथ बढ़पुर के पांचाल
घाट से लेकर राजेपुर क्षेत्र के विद्यालयों को बंद कराया। इन्होंने स्कूल
में घुस कर छुट्टी कर दी। शिक्षक विद्यालय में बैठे रहे।
बीआरसी पर किया प्रदर्शन
शमसाबाद में
शिक्षामित्रों ने प्राथमिक विद्यालय जटपुरा कैलयाई, प्राथमिक विद्यालय
जैतपुर, बसोला, गुटैटी दक्षिण, सुतहड़ी, भगवानपुर समेत कई विद्यालयों के
बच्चों की छुट्टी करा दी। इस दौरान नवनीत कुमार, अरविंद कुमार, विमल
गंगवार, मयंक त्रिपाठी समेत कई शिक्षामित्र मौजूद रहे।
वर्जन
संगठन
के अध्यक्ष अनुराग पांडेय को डीएम आवास पर बुलाकर विद्यालय बंद न कराने की
बात कही। विरोध प्रकट करने के दौरान कानून का उल्लघंन नहीं होना चाहिए।
अध्यक्ष ने शिक्षण काम में व्यवधान न डालने का आश्वासन दिया है।-योगराज
सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
शासन ने जारी किया हाई अलर्ट
शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजन करने का आदेश हाईकोर्ट द्वारा रद्द
किए जाने पर प्रदेश सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। शासन से डीएम और
एसपी के लिए आए आदेश में शासन के निर्देशों को कड़ाई से पालन करने का कहा
गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि समायोजन
रद्द होने से शिक्षामित्र विद्यालयों को बंद कराकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इनके आंदोलन से कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर प्रदेश सरकार के दिशा
निर्देश दिए हैं। इसके लिए शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष से वार्ता कर
कानून व्यवस्था बनाए रखने पर वार्ता की जाएगी। अगर कहीं सरकारी कार्य में
बाधा आती है या कानून को तोड़ा जाता है, तो कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन कर बीआरसी सहित स्कूलों में डाले ताले
कायमगंज में
शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर
एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने जगह-जगह प्रदर्शन
किया। इन्होंने बीआरसी पर प्रदर्शन के बाद स्कूलों में पढ़ाई बंद करा दी।
पढ़ाई नहीं होने पर अधिकांश स्कूलों में बच्चे पका पकाया मिडडे मील छोड़कर
भाग निकले।
शिक्षामित्रों के समायोजन पर उच्च न्यायालय के निर्णय का
विरोध करते हुए शिक्षा मित्रों ने सोमवार को बीआरसी में तालाबंदी कर दी।
इन्होंने इलाके के स्कूलों में जाकर शिक्षण कार्य बंद करा दिया। कई स्कूलों
में बच्चों के लिए पकाया गया एमडीएम धरा रह गया। श्यामबाबू कठेरिया ने
शिक्षामित्रों से धैर्य से काम लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश
सरकार
शिक्षा मित्रों की लड़ाई लड़ने के लिए उच्चतम न्यायालय जाने का मन
बना चुकी है। प्राथमिक शिक्षा संघ के जिलामंत्री राजकिशोर शुक्ला ने शिक्षा
मित्रों से प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर एक साथ मिलकर कार्य करने का
सुझाव दिया। इस दौरान राजीव गंगवार जुगेंद्र पाल, रागिनी, प्रेमपाल, राजेश,
ब्रजेश, अजय, बेबी, अश्लेषा यादव, रागिनी कुमारी आदि मौजूद रहे।