फोटो-13 खंडौली गोशाल में पूछताछ करते नोडल अधिकारी डॉ.एमपी सिंह। स्रोत : कर्मचारी
- फोटो : Samvad
फर्रुखाबाद। शासन से नामित नोडल अधिकारी ने शनिवार को गोशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गोशाला में हरा चारा व भूसा की कमी मिलने पर नाराजगी जताई। सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बरेली मंडल के अपर निदेशक ग्रेड-2 व जिले के नोडल अधिकारी डॉ.एमपी सिंह ने दो दिवसीय भ्रमण पर आकर 10 गोशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों के गर्मी से बचाव, हरा चारा उत्पादन व पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं देखीं। निरीक्षण के दौरान अमृतपुर क्षेत्र में खंडौली गोशाला की गोदाम में भूसा काफी कम मात्रा में मिला। हरा चारा भी उपलब्ध न होने पर नाराजगी जताई। अभिलेख पूर्ण करने के निर्देश दिए। गोशाला मौधा में गोवंशों के पास हरा चारा न मिलने पर एडी ने जमीन की उपलब्धता के बारे में पूछा। गोशाला से काफी जमीन जुड़ी होने के बावजूद हारा चारा न बोने के सवाल पर बताया गया कि जमीन ऊसर है। इस पर एडी ने जिला कृषि अधिकारी को जमीन उपजाऊ बनवाने के निर्देश दिए। अभिलेख अपूर्ण होने पर सचिव की फटकार लगाई। गोशाला कढ़िउली में हरा चारा कम होने और हसनापुर में गंदगी व अभिलेख अधूरे मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण के बाद अपर निदेशक ने मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ से गोशाला की स्थिति पर चर्चा की। विकास भवन सभागार में पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें गोशालाओं के सभी रजिस्टर व अभिलेख नियमित पूर्ण रखने, चारा विकास नीति के तहत उपलब्ध धनराशि से हरा चारा बोने व किसानों से हरा चारा का अनुबंध करने के निर्देश दिए। सीवीओ डॉ.धीरज शर्मा, डिप्टी सीवीओ डॉ.भूपेंद्र सिंह, डॉ. धनेश कुमार गुप्ता, डॉ.अनुज दुबे, डॉ.सुनील कुमार, डॉ. राघवेंद्र आदि मौजूद रहे।