फर्रुखाबाद। बिना जांच के कोरोना पॉजिटिव व निगेटिव की फर्जी रिपोर्ट बनाने में नवाबगंज सीएचसी में तैनात ब्लाक कम्यूनिटी प्रोग्राम मैनेजर (बीसीपीएम) की सेवा समाप्त कर दी गई है। जिलाधिकारी ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेेश दिया है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी)से स्पष्टीकरण तलब किया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतगणना स्थल में प्रवेश के लिए प्रत्याशी व उनके एजेंटों को कोरोना जांच रिपोर्ट निगेेटिव दिखाए बिना प्रवेश पर रोक थी। जनपद में जांच के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटीजन किट उपलब्ध नहीं थीं। मतगणना ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट बनवाने के प्रयास में थे। इसका जमकर फायदा उठाया गया। नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात बीसीपीएम विजय कुमार पाल खुलेआम 200 रुपये लेकर बिना जांच के ही मनचाही कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव रिपोर्ट बनाने लगा। इसका वीडियो वायरल होने पर एक मई को सीएमओ डॉ.वंदना सिंह ने सेवा समाप्ति का नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के आदेश पर हुई जांच में भी रिश्वतखोरी की पुष्टि हुई। इस पर डीएम ने बीसीपीएम की सेवा समाप्त करने के साथ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने व एमओआईसी से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए। सीएमओ डॉ.वंदना सिंह ने बताया कि बीसीपीएम विजय कुमार पाल की सेवा समाप्त कर दी गई है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एमओआईसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।