- सह अभियुक्तों के बयान और आपराधिक इतिहास को देखते हुए कोर्ट ने माना गंभीर मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। अपहरण और हत्या की साजिश के मामले में अदालत ने आरोपी देवेंद्र सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) एवं तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान की अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए अभियुक्त को जमानत देने से इन्कार कर दिया।
अमृतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला धर्मशीला ने अपने पति ओमवीर के लापता होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराते हुए देवेंद्र सिंह समेत कुछ लोगों पर अपहरण कर हत्या करने की आशंका जताई थी। पीड़िता ने बताया कि 20 जुलाई 2025 को पति साइकिल मरम्मत की दुकान बंद कर घर आए। कुछ देर बाद अपने परिचित रामू यादव के साथ बाहर निकले। इसके बाद वह नहीं लौटे।
अप्रैल में आरोपी रामू यादव की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने रामू की निशानदेही पर ओमवीर का कंकाल बरामद किया। इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। अभियुक्त देवेंद्र सिंह की ओर से दायर जमानत अर्जी में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा गया कि उसे राजनीतिक द्वेष और गांव की रंजिश के चलते फंसाया गया है। यह भी तर्क दिया गया कि उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है और न ही कोई बरामदगी हुई है। वहीं दूसरे पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी को प्रभावशाली और दबंग बताते हुए रिहाई के बाद गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई। सरकारी अधिवक्ता ने भी इसे गंभीर अपराध बताते हुए जमानत निरस्त करने की मांग की।
अदालत ने सुनवाई के दौरान सह अभियुक्तों की निशानदेही पर शव की बरामदगी, गवाहों के बयान और अभियुक्त के आपराधिक इतिहास को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाया। अदालत ने आरोपी देवेंद्र सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी।