फर्रुखाबाद। जमीन का धोखाधड़ी से बैनामा करने की साजिश बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव संजीव पारिया ने साजिश रची थी। विवेचना में पूर्व महासचिव का नाम प्रकाश में आ गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के अमेठी जदीद निवासी लेखाधिकारी रामपाल भास्कर ने कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2017 में गांव की निवासी सुमन, पूर्व प्रधान जियाउर्रहमान उर्फ मुफीद, सियाराम पाल, रामऔतार, जाहिद खां, रामपाल भास्कर पुत्र श्रीकृष्ण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें बताया कि गांव के जीवालाल से 26 दिसंबर 1998 को जमीन खरीदी थी। इन लोगों ने रामपाल भास्कर के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाया। इसके बाद जमीन का बैनामा 15 अक्तूबर 2016 को गांव की सुमन के नाम कर दिया।
बैनामे में रामऔतार व जाहिद ने गवाही दी। सुमन ने उसी दिन जमीन का एग्रीमेंट पूर्व प्रधान जियाउर्रहमान उर्फ मुफीद व सियाराम के नाम पर दिया। जानकारी होने पर 17 दिसंबर 2016 को बैनामा निरस्त के लिए प्रार्थना पत्र दिया। विवेचक ने मुकदमे में एफआर लगा दी। रामपाल भास्कर ने हाईकोर्ट में अपील की।
हाईकोर्ट ने पुनर्विवेचना के आदेश दिए। एसपी विकास कुमार की अगुवाई में विवेचना कराई गई। पुलिस ने 21 मई को पूर्व प्रधान जियाउर्रहमान उर्फ मुफीद, गांव चांदपुर निवासी रामपाल भाष्कर व सियाराम को पकड़कर जेल भेज दिया था। एक अन्य गवाह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पकड़े गए लोगों के बयान व विवेचना में बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव संजीव पारिया का नाम प्रकाश में आया।
जमीन का धोखाधड़ी से बैनामा करने की साजिश संजीव पारिया की अगुवाई में रची गई थी। ऐसे में संजीव पारिया की मुश्किलें थमती नहीं दिख रही है।