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मुआवजे में धांधली का दोषी मिला लेखपाल

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अमृतपुर। मकान वाले भूखंड पर धान की फसल दिखाकर मुआवजा दिलाने वाले लेखपाल पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। नायब तहसीलदार की जांच में वह दोषी पाया गया है। एसडीएम ने नोटिस जारी कर उससे 15 दिन में जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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तहसील क्षेत्र के गांव अमैयापुर में रामगंगा में आई बाढ़ से किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई थी। लेखपाल विमल कुमार ने सर्वे किया था। इसके बाद गांव के 15 किसानों को धान की फसल बाढ़ में बर्बाद होने का मुआवजा मिला था। इसमें आठ किसान एक ही परिवार के थे। गांव के कुलदीप तिवारी की 40 बीघा धान की फसल बर्बाद होने के बाद भी उसे मुआवजा नहीं मिला था। इस पर उसने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी हासिल की।
इस पर पता चला था कि लेखपाल ने जिस भूखंड पर मकान बना है, उस पर धान की फसल दिखाकर किसान को मुआवजा दिलवा दिया है। गन्ने की फसल वाले भूखंड पर भी धान का मुआवजा दिया गया है। इस पर कुलदीप ने एसडीएम, जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री के पोर्टल शिकायत की थी।
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इसके बाद एसडीएम ने नायब तहसीलदार रवींद्र पाल से जांच कराई। इसमें लेखपाल दोषी पाया गया है। नायब तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। एसडीएम ने लेखपाल विमल कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने से पहले नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच तहसीलदार को दे दी है। एसडीएम पद्म सिंह ने बताया कि लेखपाल से जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की जाएगी।
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