फर्रुखाबाद। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से बेपटरी हुई एंबुलेंस सेवा लाख प्रयासों के बाद भी व्यवस्थिति नहीं हो पा रही है। रविवार को बेहोश बच्चे के परिजन काफी देर तक परेशान रहे फिर भी उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल सकी। अधिकारी 42 गाड़ियों के ऑनरोड होने का दावा कर रहे हैं। फिर भी मरीज परेशान हैं।
डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार शाम कायमगंज के गांव अहमदगंज निवासी राजेश एक साल के पुत्र करन को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे। यहां ईएमओ डॉ. अरिदमन सिंह ने बच्चे को रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बच्चे को सैफई ले जाने के लिए 108 पर फोन किया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध ने होने की बात कही गई।
इसी तरह रात 8.50 बजे मारपीट की घटना में गंभीर निशा (40) निवासी नगला माटी, मोहम्मदाबाद को लोहिया अस्पताल लाया गया। सिर में गंभीर चोट होने पर उसे भी रेफर किया गया। डॉ. अरिदमन ने बताया कि मरीज के परिजनों ने फोन मिलाया तो वह काफी देर तक नहीं मिला। लिहाजा निजी कार से मरीज को ले जाया गया। एंबुलेंस पर दैनिक मजदूरी पर काफी स्टाफ रखा गया है। इनके मोबाइल पर न तो समय पर काल पहुंच रही और न ही वह सही से एप का संचालन कर पा रहे हैं। लिहाजा सब कुछ हवा हवाई चल रहा है। जिले में 108 की 22, 102 की 21 और तीन एएलएस एंबुलेंस हैं।
‘खराबी के चलते पांच एंबुलेंस ऑफ रोड हैं। दो बैकअप में लगा दी गई हैं। नया स्टाफ होने की वजह से कुछ दिक्कतें हैं। प्रयास है कि हर मरीज को सेवा समय पर मिले।’ - सौरभ कुमार, प्रोग्राम मैनेजर जीवीके कंपनी।