कमालगंज। गोवंश आश्रयस्थलों पर कार्यरत गोपालकों (केयरटेकर) को अब समय पर मानदेय मिल सकेगा। बता दें कि ग्राम निधि में ग्रांट की कमी से केयरटेकर के लिए हर माह मानदेय नहीं बच पाता। अब गोशाला के निकटवर्ती ग्राम पंचायतों से गोपालकों को मानदेय भुगतान हो सकेगा।
विकास खंड के गगनी ग्राम पंचायत के गांव हसनापुर में स्थापित गो संरक्षण केंद्र में केयरटेकर को मानदेय भुगतान के लिए खुदागंज व ऊगरपुर सुल्तानपट्टी के अलावा छह अन्य न्याय पंचायत भी संबद्ध की गई हैं। भरतामऊ गो संरक्षण केंद्र से ताजपुर, माडल शंकरपुर, मूसाखिरिया, अहमदपुर देवरिया न्याय पंचायत, सिंधौली गोसंरक्षण केंद्र से न्याय पंचायत कतरौलीपट्टी, जरारी, गदनपुर तुर्रा, भोजपुर, रजीपुर, अमानाबाद संबद्घ कर दी गई है। चौकी महमदपुर गोसंरक्षण केंद्र से लौआनगला मानपट्टी, कंझाना, जहानगंज, महमदपुर को जोड़ा गया है। अचला गोसंरक्षण केंद्र से कंधरापुर व राजेपुर सरायमेदा न्याय पंचायत संबद्ध की गईं हैं। महमदपुर अचला गो संरक्षण केंद्र के गो पालकों को जुलाई 2020 से जनवरी 2021 तक का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। इन गो पालकों को मानदेय भुगतान के लिए बिल भड़ौसा ग्राम पंचायत के सचिव को दिए गए हैं।
बीडीओ राजेश बघेल का कहना है कि नई व्यवस्था से गो पालकों को अब हर माह समय पर मानदेय मिल सकेगा। किसी एक ग्राम पंचायत पर आर्थिक बोझ नहीं रहेगा।