फर्रुखाबाद। थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव बलीपुर निवासी राजकुमार ने नगला दाऊद निवासी इदरीश तथा उसके पुत्र तमजीद पर झाड़-फूंक के नाम पर ठगी, जबरन मतांतरण, मारपीट और पुत्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए। न्यायालय ने तथ्यों और दलीलें सुनने के बाद कमालगंज थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए।
राजकुमार ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसका पुत्र शिवम काफी समय से बीमार चल रहा था। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी लाभ न मिलने पर जानकारी मिली कि नगला दाऊद निवासी इदरीश झाड़-फूंक व ताबीज के जरिए इलाज करता है। पुत्र के इलाज की उम्मीद में वह करीब छह माह तक प्रत्येक सप्ताह इदरीश के पास जाते रहे। इस दौरान ताबीज, मंत्र और पानी पिलाने के नाम पर उससे 40 से 45 हजार रुपये ले लिए पर शिवम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
आरोप है कि जब राजकुमार ने इलाज का असर न होने की बात कही तो इदरीश ने उसे व उसके पुत्र को मुस्लिम धर्म अपनाने पर सारी परेशानियां समाप्त होने की बात कही। पुत्र की जान बचाने की मजबूरी में दोनों का धर्म परिवर्तन कराया गया। कुछ समय बाद शिवम की मानसिक स्थिति और बिगड़ गई। जब उसने रुपये वापस मांगे तो इदरीश के पुत्र तमजीद ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर मारपीट की और पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया।
तब राजकुमार ने 5 सितंबर 2025 को थाना कमालगंज में तहरीर दी पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक व सीओ अमृतपुर के समक्ष बयान दर्ज कराए गए, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। घटना से आहत होकर 23 अक्तूबर 2025 को शिवम ने आत्महत्या कर ली। लगातार प्रयासों के बाद भी जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम घनश्याम शुक्ला ने इसे स्वीकार करते हुए थानाध्यक्ष कमालगंज को प्राथमिकी दर्ज कर तीन दिन में इसकी प्रति न्यायालय में भेजने तथा विवेचना कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।