फर्रुखाबाद। ईद-ए-मिलादुन-नबी के मौके पर जिले भर में शान-ओ-शौकत के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए। मुस्लिम समाज ने घरों और जुलूस के रास्तों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया। रंगीन साफे पहने लोग हाथों में कौमी झंडे लेकर लहराते दिखे। जुलूस में मरकजी गाड़ियां शामिल हुईं। मोहल्लों से भी लोग जुलूस में पहुंचे। देर रात घुमना स्थित मदरसा में जलसा किया गया।
शुक्रवार देर शाम सीरत कमेटी के सदर काजी जिला मुताहिर अली, सेक्रेटरी गुलजार अमहद खां की अगुवाई में टाउन हाल तिराहे से जुलूस का आगाज हुआ। इससे पहले सेक्रेटरी ने जुलूस में शरीक लोगों को नियम बताए और अनुशासन में रहने की अपील की। शहर काजी मुताहिर अली ने कुरआन की तिलावत पढ़ी। सभी धर्मों के लोगों का स्वागत किया गया। पक्का पुल और चौक पर तकरीर हुई। जुलूस में सदाकत हुसैन सेंथली, मुजफ्फर हुसैन रहमानी समेत कमेटी के सभी 51 लोग व्यवस्था देखते रहे।
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शामिल नहीं हुए घोड़े
हर साल जुलूस में सबसे आगे घोड़े चलते थे। मगर इस बार प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। लिहाजा आयोजकों ने आदेशों के अनुपालन में घोड़ों को शामिल नहीं किया।
दिखी हिन्दू-मुस्लिम एकता
शमसाबाद नगर के मोहल्ला गढ़ी से मुफ्ती जफर अहमद कासमी की देखरेख में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इसमें ट्रैक्टर -ट्रालियां, बाइकों और पैदल लोग शामिल हुए। गढ़ी से शुरू होकर थाना चौराहा, मुख्य बाजार में रुका। मुफ्ती मौलाना हाफिज ने कलाम पढ़े। जुलुस शाही जामा मस्जिद पर समाप्त हुआ। इसमें मुफ्ती जफर अहमद कासमी, मौलाना अकील हाफिज, मुफ्ती नवाजिश रजा, मुफ्ती दानिश ने कलाम पड़े। नदीम अहमद फारुखी, मौलाना खुसरो खुशहाल मियां, शहाब खां, इजहार खां, हाफिज महताब, संजय गंगवार, दीपक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
अकीदतमंदों ने निकाला जुलूस
मोहम्मदाबाद। नगर की सुबह साढ़े आठ बजे जामा मस्जिद नूरी से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस शिवाजीनगर, राजीव नगर, किदवई नगर से होते हुए सर्राफा मार्केट से संकिसा रोड से पहुचा। आजाद नगर में घूमते हुए मुख्य चौराहा होकर जमा मस्जिद नूरी पर समाप्त हुआ। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष नूर अहमद खान, अकबर मंसूरी,रफीक अहमद, इरफान मंसूरी, मोहम्मद इस्लाम शाह आदि रहे। संवाद