मथुरा से श्रद्धालुओं को लेकर लखीमपुर जा रही प्राइवेट बस पांचाल घाट पेट्रोलपंप के पास बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में महिलाओं समेत 17 श्रद्धालु घायल हो गए। सभी को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है।
शुक्रवार रात बाबा जय गुरुदेव के भक्तों से भरी प्राइवेट बस मथुरा से वापस लखीमपुर जा रही थी। रात करीब 1:30 बजे बस पांचाल घाट स्थित गंगा पेट्रोल पंप के पास बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार श्रद्धालु जिला लखीमपुर के ईशानगर बेती सहदेव निवासी तीर्थराम मौर्य, इनकी पत्नी कृष्णावती, रतियाबेहल धरौरा निवासी सरनवती पत्नी अयोध्या प्रसाद, बरारी निवासी निर्मला देवी पत्नी रामलाल, गांव बडेवर ईशानगर निवासी जगरानी पत्नी उमाशंकर, लज्जावती पत्नी रामकिशोर, शिवरानी पत्नी शंकरलाल, गांव विसार निवासी रामरत्ता पत्नी जमुना प्रसाद, गांव तेड़िया ईशानगर निवासी मैनेजर सिंह।
गांव जगदीशपुर निवासी सूर्यकांत, गांव पलिया ईशानगर निवासी कृष्णावती पत्नी बबलूलाल, गांव सिहावन ईशानगर निवासी परना देवी पत्नी परमेश्वर सिंह, गांव रामपुर ईशानगर निवासी सोनेलाल, हरदेवी पत्नी रामकुमार गांव ढेवर निवासी शांती देवी पत्नी जगमोहन, गांव मटेनी निवासी कीरतराम और गांव चहलार निवासी कमला देवी पत्नी छंगेलाल घायल हो गए। बस के पलट जाने की सूचना मिलने पर कोतवाल देवेंद्र शर्मा और क्राइमब्रांच प्रभारी रूम सिंह यादव फोर्स के साथ मौके पर जा पहुंचे।
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। इसके बाद घायलों को वाहनों से लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बस चालक नईम निवासी लहरपुर जिला सीतापुर को हिरासत में ले लिया। अस्पताल में भर्ती सभी श्रद्धालु शनिवार सुबह ही अपने-अपने घरों को चले गए। बस चालक ने बताया कि वह श्रद्धालुओं को लेकर 21 मार्च को मथुरा में होने वाले बाबा जयगुरुदेव के आश्रम गए थे। वहां से वापस लौट रहे थे। इसी बीच बस का पटा टूट जाने से बस बेकाबू होकर पलट गई थी। क्रेन से बस को हटाया गया।
शहर के भगुआ नगला पांचालघाट के पास उमेश कुमार का खोखा रखा है। रात बेकाबू हुई बस उमेश के खोखे को क्षतिग्रस्त कर पड़ोसी आरएन सिंह की बाउंड्रीवाल तोड़ते हुए पलट गई। बस पलटने की आवाज सुनकर उमेश और उनका परिवार जाग गया। आसपास के लोग भी आ गए। उमेश ने घटना की तहरीर कोतवाली पुलिस को दी। बस पलटने की सूचना पर बस मलिक भी कोतवाली में जा पहुंचा। यहां पर उमेश और बस मालिक के बीच समझौता हो गया।