फर्रुखाबाद। जिला योजना 2017-18 को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में तैयारी बैठक हुई। इसमें सदस्यों के सामने विभागवार कराए जाने वाले कार्यों के लिए 218.02 करोड़ रुपये के बजट को रखा गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की अंतिम तैयारी बैठक में आए सदस्यों के प्रतियोगियों को डीएम ने बाहर जाने के लिए कहा। इस पर कुछ प्रतिनिधि उठकर चले गए, कुछ वहीं पर बैठे रहे। कमालगंज के एक प्रधान ने इंद्रा आवास का गलत आवंटन कर दिया।
इसकी शिकायत होने पर तत्कालीन डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। सांसद मुकेश राजपूत ने इसमें कार्रवाई न होने का मामला उठाया। इस पर पीडी डॉ. डीआर विश्वकर्मा ने दो मंजिला मकान वाले व्यक्ति को इंदिरा आवास दिए जाने की बात कही लेकिन बोले कि प्रधान ईमानदार हैं। इस पर सांसद और विधायक नाराज हुए। उन्होंने प्रधान के ईमानदार होने को प्रमाणित किए जाने पर आपत्ति उठाई। डीएम ने पीडी से दोबारा से जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने आवारा पशुओं का मामला उठाया। इस पर डीएम ने गोसदन की 1000 बीघा जमीन पर चहारदीवारी बनवाने के लिए विधायक व सांसद निधि से बजट दिए जाने की बात कही।
जिला योजना 2017-18 के बजट 218.02 करोड़ रुपये पर सदस्यों के साथ विचार विमर्श हुआ। डीएम ने कहा कि कुठला झील के आसपास जो कब्जा है उसका हटवाया जाएगा। रमन्ना गुलजारबाग से अतिक्रमण हटेगा। इस दौरान सीडीओ अविनाश कुमार, डीडीओ समेत अन्य विभागों के अधिकारी व सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, विधायक सुशील शाक्य, विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, ब्लाक प्रमुख उर्मिला राजपूत आदि मौजूद रहे।