मोहम्मदाबाद। फतेहगढ़ में रविवार को आयोजित तालीमी कांफ्रेंस में वक्ताओं ने कहा कि हर घर में इल्म के चिराग रोशन कर मुसलमान तरक्की का सपना साकार करें। कांफ्रेंस में साइंस टेक्नोलॉजी हिन्दी के साथ ही दीनी तालीम के मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान 480 मुस्लिम छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
समाजसेवी संस्था एजूकेशनल मूवमेंट सोसाइटी की तरफ से आयोजित कांफ्रेंस में सुबह 10 बजे से ही शिक्षा प्रेमियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। मुख्य अतिथि सुभारती युनिवर्सिटी मेरठ के वाइस चांसलर प्रोफेसर मंजूर अहमद ने कहा कि मुसलमान तालीमी मैदान में काफी पिछड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए कौम जिम्मेदार नहीं है। बल्कि वह हालात है जिनसे रोजाना जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी उसी की होगी जो तालीम को अपनाएगा। मुसलमानों को अपनी शिनाख्त कायम रखने के लिए भी तालीम हासिल करना जरूरी है। इससे पहले जामिया हिदायत जयपुर के चांसलर मौलाना फजलुर्रहीम मुजददी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि मुसलमान तालीम में पिछड़ गए हैं लेकिन थक हार कर बैठ जाएं यह उचित नहीं होगा। इसलिए कौम हर घर में इल्म का चिराग रोशन करने का संकल्प ले। उन्होंने मुसलमानों की तालीमी तरक्की के लिए केंद्रीय योजना आयोग के आंकड़े पेश किए। आजाद यूनीवर्सटी के प्रोफेसर हिलाल अहमद के तालीम से ही इंसान भी किरदारसाजी होती है। इसको सिर्फ रोजी कमाने तक सीमित करना उचित नहीं है। मुस्लिम एजूकेशनल सोसाइटी के प्रांतीय अध्यक्ष इदरीस अहमद ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के युग में अंग्रेजी, हिन्दी, गणित पर महारत हासिल करना जरूरी है। संस्था अध्यक्ष डा. अनवार अहमद खां ने कहा कि इल्म के जरिए इंसान की शख्सियत में निखार आता है और इल्म से ही दूसरों को फायदा पहुंचाया जा सकता है। संरक्षक सेठ हाजी तरीक अहमद ने बेटियों की तालीम पर जोर देते हुए कहा कि कौम तालीम से ही अपना भविष्य उज्जवल बना सकती है। इसके अलावा मास्टर समीउल्लाह ने संस्था की रिपोर्ट और मजहर मोहम्मद खां ने मुख्य अतिथि को सम्मान पत्र पेश किया। डा. मोहम्मद मोहसिन जमाल अहमद, नसीम अहमद, रिजवान अहमद ने विचार व्यक्त किए। संचालन अफजल हुसैन ने किया। इस मौके पर बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समीर अहमद, डा. इसहाक अहमद, नसर खलिक, अनवर जमाल, शाकिर मंसूरी, मसरूर अहमद, मिन्ना खां, इस्लाम मंसूरी, मोहम्मद हसीन, नेहा अंजुम, फौजिया शुजात, जेबा अंसारी, हुमैरा रहमत, फारिया रहमत, रिजवान अहमद मौजूद रहे।