नवाबगंज। फिरोजाबाद जिले के साहेपुर कला से एक सप्ताह पूर्व अपहृत युवक को नवाबगंज थाना पुलिस ने रविवार को नगरिया गांव में सड़क किनारे गन्ना के खेत से मुक्त कराया है। उसके मुंह में कपड़ा और हाथ-पैर लोहे की जंजीर से बंधे थे। अपहृत युवक ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी गांव का एक व्यक्ति शिकोहाबाद में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाया था। ट्रेन में चार अन्य लोग मिले, जिन्होंने गन्ने के खेत बांध कर डाल दिया।
नगला दमू गांव का रिंकू रविवार शाम चार बजे नगरिया और नया गांव के मध्य सड़क किनारे स्थित रमेश गंगवार के गन्ने के खेत में गया था। खेत में एक युवक को जंजीर से बंधा देखकर दंग रह गया। उसने इसकी जानकारी गांव वालों को दी। ग्रामीणों ने खेत में आकर युवक की जंजीर खोली और पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर थानाध्यक्ष मिर्जा सदरे आलम दल बल के साथ गांव पहुंचे। खेत में जंजीर से बंधे युवक को थाने ले आए। होश आने पर पुलिस ने युवक से पूछताछ की। थानाध्यक्ष मिर्जा सदरे आलम ने बताया कि युवक का नाम धर्मपाल उर्फ धनपाल और उसके पिता का नाम सोने लाल है। वह साहेपुर कला थाना जसराना जिला फिरोजाबाद का रहने वाला है। अपह्त युवक ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व पड़ोसी गांव नौरंगाबाद का एक व्यक्ति शिकोहाबाद में नौकरी लगवाने के बहाने घर से साथ लाया था। ट्रेन में चार व्यक्ति और मिले जो उसके साथ फर्रुखाबाद बाद आए। वहां से शमसाबाद स्टेशन आए। उन लोगों ने मुंह कपड़े से और हाथपैर जंजीर से बांध कर गन्ने के खेत में डाल दिया। तीन दिन से खाना भी नहीं दिया। हर समय दो व्यक्ति निगरानी करते थे। रविवार शाम को सभी कहीं गए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि इसकी जानकारी फिरोजाबाद जिले के थाना जसराना को दी है। एटा जिले के नयागांव थाने के गांव सराय अगहत निवासी रिश्तेदार किशोरी लाल शाम को थाने पहुंचे।
गन्ने के खेत से बरामद अपह्त धर्मपाल मां बाप का अकेला लड़का है। वह विकलांग है। उसके नाम 15 बीघा खेत है, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपए है। उसकी तीन बहने हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवक का अपहरण खेत की रंजिश में होना लगता है।