फर्रुखाबाद। तहसील सदर में नए सर्किल रेट के विरोध में मंगलवार को वकीलों की हड़ताल जारी रही। इसके साथ सर्किल रेट को चुनौती देने के लिए वकीलों का एक दल इलाहाबाद रवाना हो गया है। इसी बीच एक अधिवक्ता ने बुधवार को अपने इलाज के लिए जमीन बेच रहे एक व्यक्ति बैनामा कराने का ऐलान किया। इसकी भनक लगते ही आननफानन में बुलाई गई बैठक में वकीलों ने इसे एकजुटता भंग करने का प्रयास मानते हुए इसका विरोध करने की तैयारी की है। इससे टकराव के आसार हैं।
नए सर्किल रेट को लेकर तहसील के वकील और एकजुट होकर एक पखवारे से हड़ताल पर हैं। इस दौरान उप निबंधक कार्यालय में बैनामा रजिस्ट्री कार्य भी इप रहा है। अब तक एक करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन जिला प्रशासन हड़ताल को लेकर कतई नहीं पसीज रहा है। ऐसे में वकील भी तने खड़े हैं और नए सर्किल रेट को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए कई वकील इलाहाबाद रवाना हो गए हैं।
ऐसे में अधिवक्ता यशवीर सिंह सिसौदिया ने बुधवार को बैनामा रजिस्ट्री कराने का ऐलान किया है जिससे तहसील बार एसोसिएशन को करारा झटका लगा है इसकी भनक लगते ही आंदोलनकारियों ने इस चुनौती से निपटने के लिए आननफानन में अतर सिंह कटियार के संयोजन में बैठक हुई। जिसमें वकीलों ने कहा कि उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने के लिए साथी वकील इलाहाबाद गए हैं और प्रस्तुत होने के बाद जब तक उसकी सुनवाई नहीं हो जाती तब तक वकीलों की हड़ताल जारी रहेगी और बुधवार को सुबह सभी वकीलों से अनशन स्थल पर एकत्रित होकर एकजुटता प्रदर्शित करने का आहवान किया गया है। जनार्दन दत्त राजपूत ने कहा कि वकीलों की एकजुटता भंग करने वालों की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ध्रुव सक्सेना ने कहा कि तहसील में वकील जनहित के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों को इसकी परवाह नहीं है। फरहत अली खां ने कहा कि वकीलों की एकता को खंडित नहीं होने दिया जाएगा। मंगलवार को नेम सिंह, राकेश सक्सेना, रविनेश यादव, जितेन्द्र सक्सेना, प्रधुमभन गुप्ता भूख हड़ताल पर रहे। इस दौरान दयाशंकर तिवारी, मुन्ना यादव, प्रदीप गुप्ता, कुलदीप तिवारी, राजीव सिंह चौहान, मोहम्मद फुरकान, अभय शुक्ला, रामबरन, दिलीप सक्सेना, दिनेश बाथम, अनुराग तिवारी, अंशुमान सिंह, आसिफ अली, नितीश शुक्ला आदि मौजूद रहे।