फर्रुखाबाद। पारिवारिक विवाद में महिला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस दौरान कमरे में बंद डेढ़ वर्षीय बच्ची एक घंटे तक मां के शव से लिपटकर रोती रही। उसे क्या पता था कि जिस मां से वह बार-बार पकड़कर अपनी ओर देखने को बेताब है। वह मां अब नहीं है। घटना की सूचना पर पहुंचे सीओ ने अपने सामने दरवाजा तोड़कर शव उतरवाया।
जिला उन्नाव थाना बांगरमऊ क्षेत्र के गांव औलापुर निवासी श्रीराम की बेटी विनीता उर्फ बेलवती (22) की शादी 6 जुलाई 2008 को सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव अर्जुननगला निवासी विशाल राजपूत के साथ हुई थी। रविवार की दोपहर विनीता ने कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर धोती से कुंडे से लटक कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस कमरे में उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी गुड़िया भी बंद थी। मां को फांसी पर लटका देख बच्ची बार-बार मां के पैरों से लिपटकर रोने लगी। दोपहर करीब 12 बजे ननद पूजा खाना खाना के लिए जब मकान में पहुंची तो बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वह खिड़की से झांककर देखा तो उसके होश उड़ गए। भाभी का शव लटका था। उसके शोर मचाने पर उसकी मां रामसखी के साथ ही परिवार के अन्य लोग मौके पर आ गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर सीओ सिटी विनोद कुमार सिंह, कोतवाल विजय बहादुर मौके पर पहुंचे। सीओ ने अपने सामने दरवाजा तुड़वाया और शव को नीचे उतरवाया। पूछताछ के दौरान पति ने सीओ को बताया कि उसका गांव के ही पास में सावित्री कोल्ड के पास चाय का होटल है। शनिवार को ससुर पत्नी को समझाने के लिए आए थे। आज वह ससुर को स्टेशन पर छोड़ने के लिए गया था। उसने बताया कि पत्नी चूल्हा अलग करना चाह रही थी, जबकि खाना खाने के बाद वह लोग दूसरे मकान में लेटते थे। इसी बात को लेकर कई बार ससुर पत्नी को समझाने के लिए आ चुके हैं। उसने बताया कि इसी कारण से पत्नी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।