फर्रुखाबाद। गत वर्ष की तरह इस साल भी संस्कार भारती ग्रीष्मावकाश कला संस्कृति कार्यशाला शुरू करेगी। 25 मई से एक माह के लिए शुरू होने वाली कार्यशाला में नृत्य, गायन, चित्रकला, मूर्तिकला आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सरस्वती शिशु मंदिर सेनापत में 15 से फार्म मिलेंगे।
संस्कार भारती की रविवार को आल संस स्कूल खड़ियाई में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रीष्मावकाश कला संस्कृति कार्यशाला सरस्वती शिशु मंदिर मोहल्ला सेनापत में 25 मई को शुरू होगी। 25 जून तक चलने वाली इस कार्यशाला में लोकनृत्य, कथक, गायन, हारमोनियम, चित्रकला, मेहंदी, ढोलक, हैंड्रीक्राप्ट, सिलाई, कढ़ाई, मूर्तिकला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पर कथक नृत्य के प्रशिक्षण को लेकर खास व्यवस्था की गई है। बैठक में रघुनाथ बिहारी सक्सेना को सर्वसम्मति से कार्यशाला का संयोजक बनाया गया। सहसंयोजक की जिम्मेदारी अभिनव सक्सेना, रामेंद्र, अनुभव सारस्वत को सौंपी गई। अध्यक्षता संजय गर्ग ने की। ओमप्रकाश मिश्र कंचन, प्रमोद अग्रवाल, संजय कपूर, सीप तिवारी, अतुल कपूर, रवींद्र भदौरिया, समरेंद्र शुक्ल कवि, राधेश्याम तूफान, मनोज मिश्रा, सर्वेश श्रीवास्तव, रजनी, सुनील तिवारी, निमिष टंडन, कंहैयालाल जैन, सुरेंद्र पांडेय, रामअवतार शर्मा इंदू आदि मौजूद रहे। वहीं भारत विकास परषिद की बैठक रविवार को अध्यक्ष बृजकिशोर सिंह के आवास पर हुई। बैठक में प्याऊ, पौधरोपण, मेधावी छात्र, गुरू अभिनंनद, विकास सप्ताह, मेडिकल कैंप, धार्मिक स्थल यात्रा, समेत पूरे साल के कार्यक्रम पर चर्चा की गई। 25 मई से 30 जून तक चलने वाले प्याऊ का संयोजक डा. रविंद्र यादव को बनाया गया। 9-10 जून को होने वाली मथुरा वृंदावन यात्रा का संयोजक बृजकिशोर सिंह को बनाया गया। डा. शिवओम अंबर, कंहैयालाल जेन,, कमल अरोरा, अजय पुरवार, राधेश्याम गर्ग, डा. पीएस सूद, राजीव मिश्रा, डा. पुष्पेंद्र बुंदेला आदि मौजूद रहे।