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संक्रामक रोग फैलने लगे, अस्पतालों में तैयारी अधूरी

Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
Farrukhabad
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फर्रुखाबाद। मौसम की गरमाहट अभी परवान नहीं चढ़ी है और उल्टी दस्त व बुखार सहित अन्य संक्रामक रोग फैलने लगे हैं। लोहिया अस्पताल में फिजीशियनों के पास पहुंचने वाले मरीजों से ज्यादा गांव में झोलाछाप डाक्टरों के पास संक्रामक रोगी पहुंच रहे हैं। बीमारी का सीजन अभी काफी दूर मानकर स्वास्थ्य महकमा हाथ ढीले किए बैठा है। जिला अस्पताल में अभी इसका अलग से वार्ड तक तैयार नहीं किया गया है। शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती तक नहीं है।
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लोहिया अस्पताल में फिजीशियन डा.अरविंद प्रसाद और डा.अदिति श्रीवास्तव के पास प्रतिदिन विभिन्न रोग से ग्रसित लोगों की जबर्दस्त भीड़ लग रही है। सरकारी पर्चा काटने वालों के मुताबिक प्रत्येक दिन आधा सैकड़ा लोग उल्टी दस्त से पीड़ित आ रहे हैं। उल्टी दस्त व बुखार से पीड़ित बच्चों को भी यही दोनों डाक्टर देख रहे हैं क्योंकि अस्पताल में करीब डेढ़ साल पहले तैनात रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डा.बी के चौधरी की बर्खास्तगी के बाद से अभी तक वहां किसी अन्य डाक्टर की तैनाती नहीं हुई है।
उधर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी तैयारी आधी अधूरी है। आयुष डाक्टरों की संविदा 31 मार्च को समाप्त होने के बाद से अभी तक न्यू पीएचसी में डाक्टरों की तैनाती नहीं हुई है। फार्मासिस्ट ही वहां आने वाले मरीजों का उपचार कर रहे हैं और दवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया का मर्ज बढ़ने लगा है, और लोग झोलाछाप डाक्टरों के पास पहुंचकर अपना उपचार करा रहे हैं। फतेहगढ़ में स्थित कुछ प्राइवेट अस्पतालों में भी डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन मर्ज अधिक क्षेत्रों में फैलने पर सरकारी अस्पतालों में भीड़ जुटी तो उन्हें संभालना मुश्किल वाली बात होगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डा.कमलेश कुमार ने कहा कि उन्होंने तैयारी पूरी कर ली है। बताया कि ब्लाक स्तर पर और मुख्यालय में भी डाक्टरों की टीमों का गठन कर दिया गया है। कहीं ग्रामीण क्षेत्र से संक्रामक रोग फैलने की सूचना आने पर टीम तत्काल वहां पहुंचेगी। दवाएं उपलब्ध हैं और आशा बहुओं को भी सचेत करते हुए उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि स्थानीय स्तर पर वे भी मरीजों को प्राथमिक उपचार दे सकें। डा.कमलेश कुमार ने बताया कि लखनऊ स्थित मुख्यलय से भी लगातार संपर्क बना है। बीमारी फैलने की कोई बड़ी बात हुई तो लखनऊ से भी डाक्टरों की टीम फर्रुखाबाद आ जाएगी। बताया कि जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती दो तीन दिनों में कर दी जाएगी। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.अशोक कुमार पांडे ने कहा कि संक्रामक रोग अमूमन बारिश शुरू होने के बाद जून महीने के अंतिम सप्ताह से फैलना शुरू होता है। जुलाई और अगस्त महीने में इसका जोर रहता है। तैयारी उसी समय काम आती है। फिलहाल जिला अस्पताल में दस बेड का वार्ड जल्दी ही तैयार कर दिया जाएगा। दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अभी संक्रामक रोगों के मरीज काफी कम आ रहे हैं।
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