फर्रुखाबाद। प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों को ड्यूटी देने के नाम पर घूस की शिकायतों पर सोमवार को लखनऊ से विभाग के सहायक समादेशता जांच करने के लिए विकास भवन पहुंचे। इनके सामने पीआरडी जवानों ने प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। जवानों को ड्यूटी बांटने का काम इन्हीं के सुपुर्द था। इनसे अब यह जिम्मेदारी ले ली गई है। जांच अधिकारी का कहना है कि छानबीन में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी जेएन शर्मा के पास पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाने का भी प्रभार था। पीआरडी जवानों के हकों के लिए लड़ने वाले संगठन के जिलाध्यक्ष रघुनाथ सिंह का कहना है कि जवानों से ड्यूटी लगाने के लिए जेएन शर्मा पांस सौ रुपए की मांग करते हैं। घूस देने वालों को ही ड्यूटी दी जाती है। यह गोरखधंधा सालों से चल रहा है। जवानों को तीन माह ड्यूटी मिलने का नियम है।
इसके बजाय कई जवान तीन सालों से लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। बाकी को ड्यूटी ही नहीं मिलती है। इन्होंने यह शिकायत महकमे के आला अधिकारियों को लखनऊ भी भेजी थी। इसी की जांच करने के लिए सहायक समादेशता आरएस तिवारी पहुंचे । इनके सामने जवानों ने कार्रवाई के लिए हंगामा भी काटा। उन्होंने जांच अधिकारी को सबूत भी सौंपे। जांच में मिले शुरूआती तथ्यों में असलियत सामने आने पर उन्होंने मौके पर ही जेएन शर्मा को हटाकर क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव को चार्ज दे दिया।
शिकायत करने वाले जवान शिवपाल सिंह, कृपाल सिंह, रामदीन, जगदीश प्रसाद, संजेश व अशोक ने बताया कि तीन साल के बाद केवल विधानसभा चुनाव में ही ड्यूटी मिली थी। इसके बाद से ड्यूटी ही नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही घूस न देने पर जवानों को कोड न देने व सत्यापन की रिसीविंग ने देने का मामला भी उठा। आरएस तिवारी ने बताया कि आरोपों की पड़ताल में अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। इन्हीं के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जेएन शर्मा का कहना है कि शिकायतें झूठी हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं।