फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात माह में 11 विकलांगाें को ही मिला काम

Wed, 26 Nov 2014 05:30 AM IST
Farrukhabad
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। मनरेगा में विकलांग जॉबकार्डधारकाें को प्राथमिकता से काम देने का नियम है। लेकिन जिले में
विज्ञापन

योजना के इस अहम नियम की अनदेखी हो रही है। हालात यह है चालू वर्ष में योजना के अंतर्गत अप्रैल से अब तक केवल 11 विकलांग जॉबकार्डधारकों को ही काम मुहैया कराया जा सका है ।दो विकास खंडाें में तो
विज्ञापन

अब तक किसी भी विकलांग जॉबकार्डधारक को काम नहीं मिल पाया है। इससे योजना अपनी राह से भटकती नजर आ रही है।
जिले में सात विकास खंड हैं। इनमें 127 विकलांग जॉबकार्डधारक पंजीकृत हैं। इनमें से 11 विकलांगाें को ही काम दिया गया। इन्हें भी 159 दिन ही काम मिला है। जिले में 7161 दिन काम ही स्वीकृत हैं। इनमें से 754 दिन काम ही पूरे हो पाए हैं। बाकी 6407 दिन काम मुहैया कराए जाने की रफ्तार बेहद धीमी है। इससे विकलांग जॉबकार्डधारक के किसी भी परिवार को मौजूदा वित्तीय सत्र में 100 दिन काम मिलता नहीं दिखाई दे रहा है। कमालगंज और नवाबगंज विकास खंड में किसी भी विकलांग जॉबकार्डधारक को काम ही नहीं मिला है। कमालगंज में 11 और नवाबगंज में 13 विकलांग जॉबकार्डधारक पंजीकृत हैं। बढ़पुर विकास खंड में 13 विकलांग जॉबकार्डधारकाें में से एक को ही काम मिला। वह भी केवल तीन दिन। राजेपुर विकास खंड में 12 विकलांग जॉबकार्डधारक हैं। यहां भी केवल एक ही विकलांग को काम मिला। यहां जरूर 10 दिन काम दिया गया है। जिले में 124581 जॉबकार्डधारक पंजीकृत हैं। विकलांग जॉबकार्डधारकाें के अलावा 23174 जॉबकार्डधारक परिवाराें ने काम मांगा था। इनमें से 15112 को काम मिला। इस समय 3934 परिवार काम कर रहे हैं। नवंबर को छोड़ दिया जाए तो पिछले सात माह में केवल 25 परिवाराें को ही 100 दिन काम मिला है। डीसी, मनरेगा कहते मांगने पर काम दिया जाता है। इसमें लापरवाही नहीं होने दी जाती है। काम मांगने वालाें और उन्हें काम न मिलने के अंतर के पीछे की वजह जानी जा रही है। विकलांगाें के साथ महिला जॉबकार्डधारकों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें