अमृतपुर। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की पोल बुधवार को उप जिलाधिकारी के निरीक्षण में सामने आ गई। प्राथमिक विद्यालय कोलासोता में छात्र ने प्रदेश का नाम ‘हरपालपुर’ बताया तो पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोलासोता के बच्चों ने मुख्यमंत्री का नाम ‘प्रणव मुखर्जी’ बता दिया। यह सुनकर एसडीएम ने सहायक प्रधानाध्यापक को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कार्रवाई के लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र भेजा।
एसडीएम लालजी मिश्रा ने बुधवार को प्राथमिक विद्यालय सुंदरपुर का निरीक्षण किया। शिक्षामित्र सपना यादव अनुपस्थित मिलीं। पंजीकृत 77 बच्चों में से 37 बच्चे मौजूद मिले। इस पर उन्होंने सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार को उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय कोलासोता में सहायक अध्यापिका माधवी सिंह अनुपस्थित मिलीं। 131 बच्चों के सापेक्ष 31 बच्चे मौजूद थे। एमडीएम में 40 बच्चे दर्शाए गए थे। कक्षा 4 के छात्र विवेक कुमार से जब एसडीएम ने प्रदेश का नाम पूछा तो उसने ‘हरपालपुर’ बताया। छात्र मुख्यमंत्री का नाम नहीं बता सका। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोलासोता में सहायक अध्यापक सरोज कुमार वर्मा मौजूद थे। यहां 131 में से 13 मौजूद मिले। लेकिन एमडीएम रजिस्टर में 21 बच्चे दर्ज थे। मेन्यू के अनुसार भोजन भी नहीं मिला। एसडीएम ने कक्षा आठ के बच्चों से मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो उन्होंने ‘प्रणव मुखर्जी’ बताया। इस पर एसडीएम ने सहायक अध्यापक सरोज कुमार को कड़ी फटकार लगाई। एसडीएम ने बताया कि बीएसए को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
रामगंगा किनारे बसे गांवों का किया दौरा
अमृतपुर। एसडीएम लालजी मिश्रा और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आरएपी यादव ने रामगंगा किनारे बसे गांव सुंदरपुर, कटरी तौफीक और कोलासोता का निरीक्षण किया। सहायक अभियंता ने बताया कि रामगंगा की धारा मोड़े जाने के लिए इन गावों का सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे करवाकर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसमें करीब 6 करोड़ की लागत आएगी।