फर्रुखाबाद। शहर के चर्चित लूट और हत्याकांड का रविवार को पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया। इसमें यादव महासभा के जिलाध्यक्ष और महिला समेत आधा दर्जन शातिरों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से लूटी गई नगदी और जेवरात बरामद हुए हैं। एसपी ने टीम को पांच हजार का इनाम दिया है।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला सिविल लाइन बरगदियाघाट निवासी साहूकार जितेंद्र सिंह राठौर के घर पर 29 मई की दोपहर बदमाशों ने धावा बोल कर पत्नी प्रेमलता उर्फ गुड्डी की हत्या कर दी थी। वह घर से लूटपाट कर नगदी और जेवरात ले गए थे। दिनदहाड़े हुई घटना से आला अधिकारियों के होश उड़ गए थे। इस वारदात के दूसरे दिन कप्तान कृपाशंकर ने चार्ज लिया था। डीआईजी आरके चतुर्वेदी ने आकर खुलासा करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने पहले दिन की जांच में वारदात में किसी करीबी का हाथ होने की बात कही थी। पुलिस इसी बिंदु पर जांच कर रही थी। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस का सहारा लिया। स्वाट टीम प्रभारी यतेंद्र यादव और फतेहगढ़ कोतवाल शिवशंकर शुक्ला को अहम सुराग मिले थे। पुलिस ने सबसे पहले राजस्थान प्रांत के जिला अलवर के गांव सनमई निवासी दयाराम बहेलिया उर्फ मेजर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सिविल लाइन निवासी यादव महासभा के जिलाध्यक्ष राममिस्टर यादव को बंदी बनाया। कायमगंज कोतवाली के गांव अलादादपुर निवासी अमित कुमार, शहर के आवास विकास कालोनी निवासी मोतीलाल जाटव, फतेहगढ़ के बरगादियाघाट निवासी पप्पू जाटव, थाना नवाबगंज के गांव बराकेशव निवासी ममता जाटव को भी बंदी बनाया है।
एसपी कृपाशंकर ने बताया कि राममिस्टर यादव के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के समय राममिस्टर से पूछताछ की गई थी। तब उसके खिलाफ ठोस सबूत नहीं थे। मकान में घुसने के लिए इन लोगों ने ममता का सहयोग लिया था। वारदात से एक दिन पहले ममता मकान में नौकरी मांगने गई थी। तब प्रेमलता नहीं मिलीं। दूसरे दिन भी वह नौकरी के बहाने से घर में घुसी। पीछे से यह लोग भी पहुंच गए। इन लोगों ने प्रेमलता को को दबोच लिया । इसके बाद उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि हमलावर मकान से करीब 5500 रुपये और कुछ ही जेवरात बदमाश ले जा सके थे। इनके पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।
मास्टर माइंड हिस्ट्रीशीटर ने बनाई थी योजना
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला सिविल लाइन निवासी हिस्ट्रीशीटर राममिस्टर यादव ने करीब पांच महीने पहले वारदात की योजना बनाई थी। राममिस्टर ने जितेंद्र सिंह के यहां पुताई का काम कर चुके पप्पू जाटव मोतीलाल जाटव को अपनी मंशा बताई। इसके बाद पूरा गिरोह इस घटना को अंजाम देने में जुट गया। दयाराम ने ममता को फोन किया तो वह अपनी मां के इलाज के लिए कानपुर में थी। 28 तारीख को वह आई। प्लान के मुताबिक वह नौकरी मांगने गई। उसे किराएदार ने प्रेमलता के न होने की जानकारी दी। इस पर यह लोग फतेहगढ़ में ही रुक गए थे। 29 मई को इन लोगों ने योजनाबद्ध ढंग से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस घटना के आरोपी राजू और उसके एक अन्य साथी की तलाश कर रही है।
नहीं खुल पाई थी अलमारी
फर्रुखाबाद। जितेंद्र सिंह के घर घुसे बदमाशों ने कमरे की अलमारी खोलने की काफी कोशिश की थी लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में इसी अलमारी से जेवरात और नगदी बरामद हुई थी।