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कुर्ता-पैजामा या पैंट शर्ट, शू तो स्पोर्ट्स ही चलेगा

Fri, 28 Mar 2014 05:32 AM IST
Farrukhabad
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फर्रुखाबाद। चुनावी सीजन में जहां खादी की ड्रेस सिर चढ़कर बोल रही है वहीं पैरों के लिए स्पोर्ट्स शू की डिमांड है। नेताजी पैंट शर्ट पहनें या धोती-कुर्ता, लेकिन पैरों में स्पोर्ट्स शू के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है। हो भी क्यों न, चुनाव का मामला है। लेकिन नेताओं की यह पसंद कम से कम लेदर इंडस्ट्री के लिए तो ठीक नहीं है।
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कांग्रेस प्रत्याशी व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद जिले में जब भी आते हैं कुर्ता पैजामा में ही दिखते हैं। कभी कभार पैंट शर्ट। लेकिन उनके पैरों में स्पोर्ट्स शू ही नजर आता है। सर्दी हो या गर्मी, वह स्पोर्ट्स शू के दीवाने हैं। सपा उम्मीदवार रामेश्वर सिंह यादव कभी-कभार धोती कुर्ता में दिखते हैं। धोती कुर्ता पहनने पर वह सैंडल अथवा चमड़े के नागरा जूते में नजर आते हैं, लेकिन ज्यादातर वक्त वह कुर्ता पैजामा ही पहनते हैं और उनके पैरों में स्पोर्ट्स शू नजर आता है। इन सभी बातों में एक बात कामन है यह है कि उनके कंधे पर हर वक्त एक छोटी सी तौलिया जरूर होती है।
बसपा प्रत्याशी ठाकुर जयवीर कुर्ता- पैजामा नियमित पहनते हैं और उनके पैरों में स्पोर्ट्स शू ही नजर आता है। भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत भी खद्दर का कुर्ता-पैजमा के साथ सदरी जरूर पहनते हैं, लेकिन वह भी स्पोर्ट्स शू ही पसंद करते हैं। करीब-करीब यही हाल राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के अध्यक्ष व प्रत्याशी केके दीक्षित का भी है। इन नेताओं की तरह ही चुनावी मैदान में भाग दौड़ कर रहे पार्टी प्रत्याशियों के खास सिपहसालारों की पसंद भी स्पोर्ट्स शू ही है। इसके पीछे तर्क है कि चुनावी सीजन में भागदौड़ के बीच स्पोर्ट्स शू पैरों को आराम दिलाता है, लेकिन यह आराम कम से कम लेदर इंडस्ट्री के लिए ठीक नहीं माना जा रहा है।
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