रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर मिला लापता किशोरी का शव
मृतका के घर के बाहर खून की बूंदे मिलने से सनसनी
पिता ने गांव के एक व्यक्ति समेत तीन पर जताया शक
कायमगंज। भटासा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर नग्न अवस्था में लापता किशोरी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। किशोरी ने पिता ने गैंगरेप के बाद हत्या की आशंका जताई है। वहीं मृतका के घर के पास मिले खून के धब्बे मिलने से मामला पेचीदा हो गया है। हालांकि मृतका के पिता का कहना है कि यह खून उसकी भैंस के पैर में लगे चोट के हैं। फिलहाल पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के ग्रामीण के मुताबिक उसकी 14 साल की बेटी शनिवार शाम शौच के लिए घर से निकली थी। देर तक वह नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की गई। तड़के करीब चार बजे भटासा रेलवे स्टेशन के पास उसकी सलवार मिली। पास में ही नग्नावस्था में पटरी किनारे पत्थरों पर शव पड़ा था। पिता ने इसकी जानकारी चौकीदार रविंद्र सिंह को दी। चौकीदार ने सुबह पांच बजे कोतवाली पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान मृतका के पिता ने सुबह 6 बजे पैसेंजर ट्रेन में जा रहे दो युवकों को देखा और शक के आधार पर उन्हें उतार लिया। ये युवक एक दिन पहले गांव में देखे गए थे। उसने गांव के ही एक व्यक्ति पर अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर अगवा करने के बाद गैंगरेप एवं हत्या का आरोप लगाया। करीब पांच घंटे बाद कोतवाल वीके यादव पहुंचे। इसी बीच भीड़ के बीच से कुछ लोगों ने मृतका के घर के बाहर खून की बूंद मिलने की बात कही। इस पर पुलिस टीम मृतका के घर गई। कमरे में जाकर खोजबीन किया। बाहर पड़ी खून की बूंदों को देखकर पुलिस ने मृतका के पिता से पूछताछ की। इस पर मृतका के पिताने बताया कि उसकी भैंस के पैर में चोट लगी है उसके ही खून की ये बूंदे हैं। काफी देर तक छानबीन करने के बाद पुलिस ने फतेहगढ़ से टीम बुलाकर मृतका के खून व घर के बाहर पड़ी खून की बूंदों के नमूने लिए। शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले को ऑनर कीलिंग से जोड़ कर देख रही है। हालांकि अभी कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। सीओ एके रावत ने बताया कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और रक्त के नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल पिता की तहरीर के आधार पर सूचना दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पान की पीक को पुलिस ने समझा खून
कायमगंज। मृतका के घर के कोने में पड़ी पान की पीक के निशानों को पुलिस ने खून के दाग बताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले तो घर के बाहर पड़ी बूंदों को गौर से देखा और उसके चारों ओर्र इंटें रखकर रेखांकित कर दिया। उसके बाद पुलिस उसके घर के अंदर जांच करने लगी। घर के एक कोने में पान की पीक देखकर पुलिस ने उसे भी खून के छींटे बताया दिया। जब लोगों ने उसे पान की पीक बताया तब पुलिस संतुष्ट हुई। पुलिस ने घर में बिखरे पड़े सामान को देखकर भी संदेह जताया। कुछ देर बाद आई फोरेंसिक टीम ने घर के बाहर पड़ी बूंदों को भी पीक कह कर संदेह खत्म कर दिया।
कोतवाल ने जताई आत्महत्या की आशंका
कायमगंज। संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी की मौत की गुत्थी कोतवाली पुलिस को समझ में नहीं आ रही है। एक तरफ सीओ एके रावत हत्या से इनकार नहीं कर रहे हैं वहीं कोतवाली प्रभारी वीके यादव ने हत्या की संभावना से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि जांच से पता चला है कि मृतका को किसी बात को लेकर उसके परिजनों ने डांटा या मारा था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने ट्रेन से कटकर आत्महत्या की है। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने दो डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करने, बलात्कार की पुष्टि के लिए भी जांच करने की मांग की है। ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके।
सवाल मामले को बना रहे हैं पेचीदा
कायमगंज। ट्रैक से चंद कदमों की दूरी पर खेत में पड़ा खून इस ओर भी संकेत कर रहा है कि किशोरी की वहां हत्या करने के बाद शव को चलती ट्रेन के सामने फेंका गया है, जिससे उसके चेहरे ही इंजन से टकराने के बाद शव क्षतविक्षत हुआ है। लोगों को मानना है कि यदि वह स्वयं आत्महत्या करती तो उसके पूरे शरीर पर गहरी चोटें होती और खेत में खून नहीं होता।
हाल्ट एजेंट ने पटरी किनारे देखा शव
कायमगंज। भटासा रेलवे स्टेशन पर तैनात हाल्ट एजेंट राजेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 5 बजे जब वह स्टेशन आया तो उसने पटरी किनारे पत्थरों में शव पड़ा देखा था। उसके बाद परिजनों ने शव उठाकर पास के खेत में रख लिया।