फर्रुखाबाद। सरकारी महकमाें की काहिली पर शनिवार को डीएम पवन कुमार के तेवर ऐसे चढ़े कि अधिकारियाें के माथे पर सर्दी में पसीना छूटने लगा। कहीं प्रगति रिपोर्ट पर अधिकारियों के दस्तखत गायब थे तो कहीं फर्जी आंकड़े चढ़ाए गए मिले। कई विभागाें की अनसुनी करने की अदा भी सामने आई। इस पर डीएम की नाराजगी बढ़ती गई। उन्हाेंने कुछ के खिलाफ कार्रवाई के फरमान के जारी किए तो कुछ को चेतावनी देकर छोड़ा। लापरवाही बरतने वाले विभागाें को कैंप कार्यालय तलब किया। समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई थी।
विभाग: जिला पंचायत
जिला पंचायत की फ र्जी रिपोर्टिंग सामने आई। वर्ष 2010-2011 में 97 से 99 फीसदी प्रगति में 55 काम दर्ज कर दिए थेेेेेे। चालू सत्र में यह संख्या 19 लिख दी गई। प्रगति रिपोर्ट पर अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल सिंह के दस्तखत भी नहीं थे। इस पर डीएम ने फटकार लगाई। स्पष्टीकरण तलब किया। सुधार न होने पर आरोप पत्र की चेतावनी भी दी। एमए ने दोबारा गलती न करने का भरोसा दिया।
खंड विकास अधिकारी
बीआरजीएफ के कामों में लापरवाही पर बीडीओ भी नहीं बख्शे गए। मोहम्मदाबाद विकास खंड में 6, नवाबगंज विकासखंड में 5, कमालगंज में 3 व कायमगंज में 3 काम होने हैं। नवाबगंज में तीन कामाें के स्टीमेट ही बना। इस पर बीडीओ विमला देवी को डांट पड़ी। उन्हाेंने इसका ठीकरा आरईएस के जेई पर फोड़ दिया। डीएम ने अवर अभियंताआें को अभिलेखाें सहित कैंप कार्यालय बुलाया।
बेसिक शिक्षा विभाग
विभाग में अनसुनी चल रही है। डीएम ने डेढ़ माह पहले बीएसए नरेंद्र शर्मा को निशुल्क पुस्तकाें क ा भुगतान करने के आदेश दिए थे। अभी तक भुगतान न होने पर डीएम ने इन्हें हड़का दिया। ड्रेस वितरण पूरा न हो पाने पर भी वह भड़के। रसोइयाें के मानदेय की पत्रावली नहीं बन पाई। बीएसए को इसके लिए खरी खोटी सुननी पड़ी। बीएसए ने एकाउंटेंट के पत्रावली लटकाने की बात की तो डीएम ने उन्हें भी बुला लिया। शासन को लिखे जाने की भी बीएसए को चेतावनी दी।
सिंचाई विभाग
सिंचाई विभाग की दो माह की प्रगति में कोई अंतर नहीं आया है। विभाग परकोपाइन व बंधा के काम करवा रहा है। मनरेगा से हुए कामाें का सोशल आडिट भी नहीं कराया जा सका है। इसके लिए एक्सईएन रतीराम वर्मा को पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी। बैठक में वह मनरेगा से हुए कामों की संख्या भी नहीं बता पाए। इससे वह भी डीएम के कोपभाजन बने।
लोक निर्माण विभाग
पीडब्लूडी की काहिली बरकरार मिली। महिला अस्पताल की एक्सटेंशन बिल्डिंग का फ ाउंडेशन तैयार नहीं हो पाया है। राममनोहर लोहिया गांवाें की प्रगति भी रुकी हुई है। इस पर निर्माण खंड के एक्सईएन विवेकानंद शर्मा की खासी किरकिरी हुई।
सीएनडीएस
सीएनडीएस से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। हाल ही में चार्ज लेने वाले जेई को भेज दिया गया। वह एक करोड़ की लागत से बनने वाली परियोजनाआें की प्रगति रिपोर्ट नहीं बता पाए। मौजूदा बजट बताने में गड़बड़ा गए। डीएम ने जेई को बैठक से बाहर कर दिया। दोबारा अधिकारियाें की बैठक में उनकी एवजी न करने के लिए भी डपटा।
आरईएस
आरईएस अभी तक निर्माण कार्यों के स्टीमेट नहीं बना पाया है। पुकार होने पर जेई अरविंद त्रिपाठी हाजिर हुए। समीक्षा बैठक का मिजाज गर्म देख कर वह कंपकपा गए। लापरवाही पर उन्हें भी डंाट मिली। उन्होंने तुरंत शाम तक स्टीमेट बनाकर देने क ी हामी भरी।
नरमी से निपटे यह विभाग
सेतु निगम अटैना में पुल का निर्माण करवा रहा है। प्रगति 97 फीसदी हुई है। 18 जनवरी को मुख्यमंत्री को इसका लोक ार्पण करना है। इसे तय समय में पूरा करने की हिदायत सेतु निगम के अधिकारियों को दी गई। समाज कल्याण निर्माण निगम, यूपीपीसीएल यूआरएलएम, लघु सिंचाई विभाग को भी नरमी से हिदायतें मिलीं। जिला पंचायत राज, भूमि संरक्षण, पशु पालन विभाग, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व सीएमओ बच गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी लवी मिश्रा से डीएम ने सीबीएस खाता के लिए पेंशनर्स क ी सूची मांगी। मंडी परिषद के जेई को तगड़ी हड़क पड़ी। यहां सीडीओ डा. एससी श्रीवास्तव, डीडीओ प्रह्लाद सिंह, पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा, सीएमओ डा. राकेश कुमार, उपकृषि निदेशक एके सिंह, डीएसओ हिमांशु द्विवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।